शुभ दोपहर मित्रों आप सभी को राधे राधे

+21 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 44 शेयर

कामेंट्स

Panji Panchal Dec 6, 2021
जय श्री कृष्णा राधे कृष्णा जी राधे राधे

Ravi Kumar Taneja Dec 6, 2021
*🙏🔱🙏जय श्री महाकाल 🙏🔱🙏* 🔱कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम ! सदा वसंत हृदयारविंदे, भवम भवानी साहितम् नमामी!!🔱 *🔯मित्र, पुस्तक, रास्ता,* *और विचार* *गलत हों तो गुमराह कर देते हैं,* *और यदि सही हों तो* *जीवन बना देतें है* 🙏🌹🙏 🔱आशुतोष शशाँक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा !!🔱 🔱ॐ नमः शिवाय...🔱 🔱हर हर महादेव🔱 🌹प्रभु भोलेनाथ के आशीर्वाद से आप सदा खुश रहें, मस्त रहें, मुस्कुराते रहें तथा स्वस्थ रहें!!!🙏🌼🙏 🔯दुनिया में इंसान को हर चीज मिल जाती है,लेकिन अपनी गलती नही मिलती ! जो लोग अपनी गलती स्वीकार कर लेते हैं, उनके जीवन में सदैव सुख-शांति, प्रसन्नता बनी रहती है !! 🔱जय श्री महाकाल 🔱 🕉🔱🙏🌿🙏🔱🕉

Hara Narayan Mishra Jan 20, 2022

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Ansouya Mundram 🍁 Jan 20, 2022

🙏🙏ॐ श्री गणेशाय नमः 🌹🙏 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏जय श्री राधे कृष्ण 🙏 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹🙏 मंगलमय गुरुवार की हार्दिक शुभकामनाएं आप सभी भक्ततों को जी 🌷🙏🌷🙏 🙏🙏🙏श्री हरि 🙏🙏🙏🙏 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🙏बड़ी साधारण पर बारीक बात है, मनुष्य मन की मानता है। और मन के साथ परेशानी यह है कि मन सदा अति चाहता है।🙏 मन मुखी कितना ही जानता रहे कि मुझे कहाँ जाना है, मन न हो तो हिलेगा नहीं। पर वही जब हिलने लगता है, तो रोके नहीं रुकता। आप कहीं बैठे हों, पैर हिलता हो, रोकते हो, पर पैर फिर फिर हिलता है।🍁🍁 ।।न करने को आप कुछ न करें, करने लगें तो यह भी कर दें, वह भी कर दें। जबकि महत्व इस बात का नहीं है कि आप कितना कर सकते हैं, महत्व इस बात का है कि करना कितना है? ??? संतुलन होना चाहिए, रोटी कच्ची भी न रहे, जले भी न।।।। जवानी का जोश तो हो, वृद्धों सा होश भी हो। देखें हनुमान जी क्या करते हैं- "रामकाज लगि तव अवतारा" ऐसी स्मृति आई तो हनुमान जी को जोश आ गया। वे तो इतने जोश में हैं कि सीता जी को निकालकर लंका को उठाकर सागर में डुबो दें, त्रिकूट पर्वत को ही उखाड़ लाएँ, रावण को मार कर पाताल में धंसा दें, यहीं कथा का पटाक्षेप कर दें कि तुलसीदास जी को दो और कांड लिखने ही न पड़ें। पर वे अपने मन की नहीं करते, वृद्ध से पूछते हैं। क्योंकि उनमें जोश तो है, पर होश भी है।।। "जामवंत मैं पूछहुं तोहि। उचित सिखावनु दीजहु मोहि॥" जामवंत जी ने सुंदर उत्तर दिया, हनुमान जी को माध्यम बनाकर हमारे काम की बात कही। कहा, यह राम जी की लीला है, हमारी नहीं है। इस लीला के निर्माता, निर्देशक और लेखक, भगवान स्वयं हैं। हम तो पात्र मात्र हैं। हमें अपना पात्र अदा कर मंच से उतर जाना है। भगवान जैसे जब जहाँ चलाएँ, वैसे तब वहाँ चलना है। उनके हाथ का खिलौना बनकर जीना है, मनमर्जी नहीं चलना। इसी में भगवान की सेवा है, इसी में उनकी प्रसन्नता है, इसी में हमारा कल्याण है। "कईं तेज राह भटक गए, कईं सुस्त हो गए लापता। जो तेरे चरणों में झुक गए, उन्हें आके मंजिल ने पा लिया॥" जामवंत जी ने बताया कि कितना करना है- "एतना करहू तात तुम जाई, सीतहि देखि कहहु सुधि आई॥" आप भी अतिवाद से बचें, मन से न पूछें, संत से पूछ कर चलें। परमात्मा प्राप्ति होकर रहेगी। ॐ नमो नारायणाय नमः 🌹🙏 🍁🙏🙏जय सीता राम 🙏🙏 🙏🙏सभी सुखी रहे आनंदित रहें जी 🌷🙏🌷🙏 🍁🙏🌹🍁🙏🌹🍁

+39 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Ravi Mishra 82796 Jan 20, 2022

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर
patel Navin Jan 20, 2022

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर
Shivani Jan 20, 2022

+2 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Ravi Mishra 82796 Jan 20, 2022

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Vandana Singh Jan 20, 2022

+10 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 7 शेयर
K. Rajan Jan 20, 2022

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB