
Rama Devi Sahu
2 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 23 अगस्त 2026* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - श्रावण* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - एकादशी प्रातः 04:18 अगस्त 24 तक, तत्पश्चात् द्वादशी* *⛅नक्षत्र - मूल शाम 05:44 तक तत्पश्चात् पूर्वाषाढा* *⛅योग - विष्कम्भ प्रातः 06:14 तक प्रीति* *⛅राहुकाल - शाम 05:17 से शाम 06:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:06* *⛅सूर्यास्त - 06:53 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:36 से प्रातः 05:21 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:04 से दोपहर 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:07 से मध्यरात्रि 12:52 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - पुत्रदा - पवित्रा एकादशी, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:06 से शाम 05:44 तक)* *🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌷 *पुत्रदा-पवित्रा एकादशी* 🌷 ➡️ *22 अगस्त मध्यरात्री 02:00 (यानि 23 अगस्त 02:00 AM तक) से 24 अगस्त प्रात: 04:18 तक एकादशी है।* 💥 *विशेष - 23 अगस्त 2026 रविवार को पुत्रदा-पवित्रा एकादशी (स्मार्त) एवं 24 अगस्त सोमवार को पुत्रदा-पवित्रा एकादशी (भागवत)* *24 अगस्त, सोमवार को पुत्रदा-पवित्रा एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।* 🙏🏻 *निर्णयसिन्धु के प्रथम परिच्छेद में एकादशी के निर्णय में 18 भेद कहे गये हैंl* 🙏🏻 *कालहेमाद्रि में मार्कण्डेयजी ने कहा है – जब बहुत वाक्य के विरोध से यदि संदेह हो जाय तो एकादशी का उपवास द्वादशी को ग्रहण करे और त्रयोदशी में पारणा करे ।* 🙏🏻 *पद्म पुराण में आता है कि एकादशी व्रत के निर्णय में सब विवादों में द्वादशी को उपवास तथा त्रयोदशी में पारणा करे ।* 💥 *विशेष ~ अतः इस बार भी शास्त्र अनुसार 24 अगस्त को उपवास करें*। 🌷 *शरद ऋतु में कैसे करें स्वास्थ्य की रक्षा* 🌷 ➡ *23 अगस्त 2026 रविवार से शरद ऋतु प्रारंभ* 🌷 *शरद ऋतु में ध्यान देने योग्य महत्त्वपूर्ण बातें :* 👉🏻 *१] रोगाणां शारदी माता | रोगों की माता है यह शरद ऋतु | वर्षा ऋतु में संचित पित्त इस ऋतु में प्रकुपित होता है | इसलिए शरद पूर्णिमा की चाँदनी में उस पित्त का शमन किया जाता हैं |* *इस मौसम में खीर खानी चाहिए | खीर को भोजनों में ‘रसराज’ कहा गया है | सीता माता जब अशोक वाटिका में नजरकैद थीं तो रावण का भेजा हुआ भोजन तो क्या खायेंगी, तब इंद्र देवता खीर भेजते थे और सीताजी वह खाती थी |* 👉🏻 *२] इस ऋतु में दूध, घी, चावल, लौकी, पेठा, अंगूर, किशमिश, काली द्राक्ष तथा मौसम के अनुसार फल आदि स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं |* *गुलकंद खाने से भी पित्तशामक शक्ति पैदा होती है | रात को (सोने से कम-से-कम घंटाभर पहले ) मीठा दूध घूँट – घूँट मुँह में बार-बार घुमाते हुए पियें | दिन में ७ – ८ गिलास पानी शरीर में जाय, यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा है |* 👉🏻 *३] खट्टे, खारे, तीखे पदार्थ व भारी खुराक का त्याग करना बुद्धिमत्ता है | तली हुई चीजें, अचारवाली खुराक, रात को देरी से खाना अथवा बासी खुराक खाना और देरी से सोना स्वास्थ्य के लिए खतरा है क्योंकि शरद ऋतु रोगों की माता है | कोई भी छोटा-मोटा रोग होगा तो इस ऋतु में भडकेगा इसलिए उसको बिठा दो |* 👉🏻 *४] शरद ऋतु में कड़वा रस बहुत उपयोगी है | कभी करेला चबा लिया, कभी नीम के १०-१२ पत्ते चबा लिये | यह कड़वा रस खाने में तो अच्छा नहीं लगता लेकिन भूख लगाता है और भोजन को पचा देता है |* 👉🏻 *५] पाचन ठीक करने का एक मंत्र भी है :* 🌷 *अगस्त्यं कुम्भकर्ण च शनिं च वडवानलम् |* *आहारपरिपाकार्थ स्मरेद् भीमं च पंचमम् ||* ➡ *यह मंत्र पढ़के पेट पर हाथ घुमाने से भी पाचनतंत्र ठीक रहता हैं |* 👉🏻 *६] बार-बार मुँह चलाना (खाना) ठीक नहीं, दिन में दो बार भोजन करें | और वह सात्त्विक व सुपाच्य हो | भोजन शांत व प्रसन्न होकर करें | भगवन्नाम से आप्लावित ( तर, नम ) निगाह डालकर भोजन को प्रसाद बना के खायें |* 👉🏻 *७] ५० साल के बाद स्वास्थ्य जरा नपा-तुला रहता है, रोगप्रतिकारक शक्तिदबी रहती है | इस समय नमक, शक्कर और घी-तेल पाचन की स्थिति पर ध्यान देते हुए नपा-तुला खायें, थोडा भी ज्यादा खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है |* 👉🏻 *८] कइयों की आँखें जलती होंगी, लाल हो जाती होंगी | कइयों को सिरदर्द होता होगा | तो एक –एक घूँट पानी मुँह में लेकर अंदर गरारा (कुल्ला) करता रहे और चाँदी का बर्तन मिले अथवा जो भी मिल जाय, उसमें पानी भर के आँख डुबा के पटपटाता जाय | मुँह में दुबारा पानी भर के फिर दूसरी आँख डुबा के

Comments (4)

Saumya Sharma
Aug 23, 2026
ॐ भास्कराय नमः 🙏🌹☺️ जगत् को प्रकाशित करने वाले भगवान भास्कर आपके जीवन में खुशियों की बरसात करते रहें 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ संध्या वंदन मेरी प्यारी दी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Aug 23, 2026
बहुत ही सुन्दर पोस्ट के साथ ज्ञानवर्धक लेख के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरी प्यारी दी 🙏🌹☺️ आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें 🙏 यही प्रार्थना है 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Aug 23, 2026
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏 कहते हैं कि पूर्व जन्म के कर्मों के फल सभी जीवों को भुगतने पड़ते हैं, किंतु एकादशी व्रत करने से प्रभु आपके हर फल में सहायक बन कर आपकी मुश्किलें आसान कर देते हैं 🙏 एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं मेरी प्यारी दी 🙏🌹☺️ ठाकुर जी की कृपा से आपके घर में सभी बच्चे अपने जीवन में स्वस्थ, सफल और दीर्घायु रहें 🙌🙏🌹☺️

सविता
Aug 23, 2026
"भगवान श्रीहरि विष्णु आपकी संतान को सद्बुद्धि, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य का वरदान दें। पुत्रदा एकादशी की हार्दिक बधाई