Reena Singh
Reena Singh Oct 15, 2021

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कामेंट्स

🔴 Suresh Kumar 🔴 Oct 15, 2021
जय श्री राम 🙏 शुभ प्रभात वंदन दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🎈🎈🎈🎈🎈 प्रभु श्री राम जी की कृपा आप पर व आपके परिवार पर सदा बनी रहे मेरी प्यारी बहन 🍎🍎🍎🍎 🥀🥀🥀🕉️🙏🕉️🥀🥀🥀

JAGDISH BIJARNIA Oct 15, 2021
jai Shri ram sister ji mangal suprabhat Vijaya dashami ki hardik shubhkamnaye 🌹🌹

Manoj Gupta AGRA Oct 15, 2021
jai shree radhe krishna ji 🙏🙏🌷🌸 Vijaya dashami ki hardik shubhkamnaye 🙏🙏🌷🌸

R.K.SONI (Ganesh Mandir) Oct 15, 2021
जय श्री राम जय माता दी🙏विजयादशमी की आपको हार्दिक शुभकामनाए।यह पर्व आपके लिए ढ़ेरो सारी खुशियां दे।👌👌💐🙏

R.K.SONI (Ganesh Mandir) Oct 15, 2021
जय श्री राम जय माता दी🙏विजयादशमी की आपको हार्दिक शुभकामनाए।यह पर्व आपके लिए ढ़ेरो सारी खुशियां दे।👌👌💐🙏

kamlesh Goyal Oct 15, 2021
जय श्री राम जी जय माता दी शुभ प्रभात वंदन जी विजय दशमी पर्व दशहरा की आप सभी भाई बहनों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं जी भगवान श्रीराम की कृपा माता रानी का आशीर्वाद सदा आप के परिवार पर बना रहे🌹🙏🌹

@mahaveer1698 Oct 15, 2021
🌹सुख, समृद्धि, शांति का साथ हो, बुराई और असत्य का नाश हो, हमारे मंगलमयी शुभकामना हमेशा आपके साथ हो, इसी कामना के साथ आपको. विजयदशमी की ढेर सारी🌹 शुभकामनाएं !

Renu Singh Oct 15, 2021
Jai Shree Ram 🌹🙏 Good Morning Pyari Sister Ji Aapko aur Aapki Family ko Vijyadashmi ki Hardik Shubh Kamnayein Ji Aàpka Din Shubh Avam Mangalmay ho 🌸🙏

JAI MAHAKAAL KI 🙏🌹🙏🌹 Oct 15, 2021
शांति अमन के इस देश से अब बुराई को मिटाना होगा आतंकी रावण को दहन करने आज फिर से राम को आना होगा 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 आप और आपके पूरे परिवार को को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं 💝🎊 _कभी श्रीराम बनकर पाप से जग को बचाती है_ _कभी यह कौरवों के दंभ को रज में मिलाती है_ _यही इक सत्य है लेकिन, समझ पाते न कपटी जन_ _भलाई जीत जाती है,बुराई हार जाती है !_🎊💝 *_#विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं#_*

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Oct 15, 2021
Good Afternoon My Sister ji 🙏🙏 Aapko Happy Vijaya Dashami Ki Hardik Shubhkamnaye ji 🙏🙏🌹🌹 Jay Shree Ram 🙏🙏🌹🌹💐🌹God Bless You And Your Family Always Be Happy My Sister ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

Hemant Kasta Oct 15, 2021
Jai Shree Ram Ji Namah, Jai Shree Siyaram Ji Namah, Beautiful Post, Anmol Massage, Dhanywad Vandaniy Bahena Ji Pranam, Aap Aur Aapka Parivar Har Din Har Pal Khushiyo Se Bhara Rahe, Aap Sadaiv Hanste Muskurate Rahiye, Vandan Sister Ji, Jai Shree Radhe Krishna Ji, Shubh Dashahara Ki Hardik Shubh Kamnaye... Shubh Dopahar.

Sanjay Parashar 🍫🌹🌹 Oct 15, 2021
Happy Dussehra 🍁🌹🍁🌹🍁🌹🍁🌹🍁🌹🍁🌹🍁🌹🍁🌹🍁🌹 Happy Friday 🙏🍁🙏🍁🙏🍁🙏🍁 Vijaydashmi ki Hardik Shubhkamnaye 🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦 Mata Rani Or Siyaram ji ki kripa Aap per Or Aap ke Parivar per sada bani Rahe 🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀 jai Mata Laxmi ki 🍁 jai Mata di 🌹🌹 Jai Shri Ram 🌻🌻 Jai Shri Krishna 💐💐 Radhe Radhe 🌻🌻 good evening my lovely sister 👌👋👋

CG Sahu Oct 15, 2021
ati sunder thought hi radhe Krishnaj nice sweet good evening laxmi narayan ji ki kripa bani rahe sabhi per 🙏🏻🍁👍🏻🙏🏻🎂🌺🍎🍵🌹💮🍀🌻

SR Pareek Oct 15, 2021
🚩 सुमधुर शुभ रात्रि सप्रेम स्नेह नमन् जी🌿 विजया दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🍁जय श्री राम जी प्यारी बहिना जी 🙏🙏🌻🌸🍃🚩

GOVIND CHOUHAN Oct 15, 2021
Jai Shree Ram 🌷 Jai Siyaram 🌷🙏🙏 Shubh Raatri Vandan Jiii Didi 🙏🙏 Vijaydashmi ki Hardik subh kamnaye jiii 🙏🙏

Anil Oct 16, 2021
good morning जय बजरंगबली वंदन बहेनजी 🌺🙏🙏🙏🌺

S.N.Vishwakarma Dec 5, 2021

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R S Sharma Dec 8, 2021

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SONU NAREDA Dec 7, 2021

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white beauty Dec 8, 2021

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my mandir Dec 7, 2021

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Kanta Kamra Dec 7, 2021

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Satish Khare Dec 8, 2021

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. विवाह पंचमी हर वर्ष मार्गशीष मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम और सीता का विवाह इसी दिन हुआ था और इसी आस्था के कारण विवाह पंचमी पर्व मनाया जाता है। सनातन धर्म में विवाह पंचमी को भगवान राम और माता सीता के विवाह के उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा रही है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी देखें तो तुलसी दास ने रामचरित्र मानस के लेखन का कार्य भी विवाह पंचमी के दिन ही पूर्ण किया था। विवाह पंचमी की पूजा विधि 01- विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम और माता सीता का विवाह संपन्न कराया जाता है. इस तरह कराएं राम-सीता विवाह। 02- विवाह पंचमी के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 03- इसके बाद राम विवाह का संकल्प लें। 04- अब घर के मंदिर में भगवान राम और माता सीता की मूर्ति या चित्र की स्थापना करें। 05- अब भगवान राम को पीले व मां सीता को लाल वस्त्र पहनाएं। 06- अब रामायण के बाल कांड का पाठ करते हुए विवाह प्रसंग का पाठ करें। 07- इसके बाद ॐ जानकीवल्लभाय नमः का जाप करें। 08- फिर भगवान राम और मां सीता का गठबंधन करें। 09- अब राम-सीता की जोड़ी की आरती उतारें। 10- अब भगवान को भोग लगाएं और पूरे घर में प्रसाद बांटकर आप भी ग्रहण करें। विवाह पंचमी की कथा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सीता माता का जन्म धरती से हुआ था। कहा जाता है कि राजा जनक हल जोत रहे थे तब उन्हें एक बच्ची मिली और उसे वे अपने महल में लाए व पुत्री की तरह पालने लगे। उन्होंने उस बच्ची का नाम सीता रखा। लोग उन्हें जनक पुत्री सीता या जानकी कहकर पुकारते थे। मान्यता है कि माता सीता ने एक बार मंदिर में रखे भगवान शिव के धनुष को उठा लिया था। उस धनुष को परशुराम के अलावा किसी ने नहीं उठाया था। उसी दिन राजा जनक ने निर्णय लिया कि वो अपनी पुत्री का विवाह उसी के साथ करेंगे जो इस धनुष को उठा पाएगा। फिर कुछ समय बाद माता सीता के विवाह के लिए स्वयंवर रखा गया। स्वयंवर के लिए कई बड़े-बड़े महारथियों, राजाओं और राजकुमारों को निमंत्रण भेजा गया। उस स्वयंवर में महर्षि विश्वामित्र के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम राम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण भी दर्शक दीर्घा में उपस्थित थे। स्वयंवर शुरू हुआ और एक-एक कर सभी राजा, धुरंधर और राजकुमार आए लेकिन उनमें से कोई भी शिव के धनष को उठाना तो दूर उसे हिला भी नहीं सका। यह देखकर राजा जनक बेहद दुखी हो गए और कहने लगे कि क्या मेरी पुत्री के लिए कोई भी योग्य वर नहीं है। तभी महर्षि विश्वामित्र ने राम से स्वयंवर में हिस्सा लेकर धनुष उठाने के लिए कहा। राम ने गुरु की आज्ञा का पालन किया और एक बार में ही धनुष को उठाकर उसमें प्रत्यंचा चढ़ाने लगे, लेकिन तभी धनुष टूट गया। इसी के साथ राम स्वयंवर जीत गए और माता सीता ने उनके गले में वरमाला डाल दी। मान्यता है कि सीता ने जैसे ही राम के गले में वर माला डाली तीनों लोक खुशी से झूम उठे। यही वजह है कि विवाह पंचमी के दिन आज भी धूमधाम से भगवान राम और माता सीता का गठबंधन किया जाता है। विवाह पंचमी के दिन नहीं होते विवाह हिन्दू धर्म में विवाह पंचमी का विशेष महत्व है। लेकिन इस दिन कई जगह विवाह नहीं किए जाते हैं। खासकर मिथिलांचल और नेपाल में इस दिन विवाह नहीं करने की परंपरा है। वहाँ ऐसी मान्यता है कि, सीता का वैवाहिक जीवन दुखद रहा था, इसी वजह से लोग विवाह पंचमी के दिन विवाह करना उचित नहीं मानते। उनका मानना है कि 14 वर्ष के वनवास के बाद भी राम ने गर्भवती सीता को त्याग कर दिया था और उन्हें महारानी का सुख नहीं मिल पाया। इसलिए विवाह पंचमी के दिन लोग अपनी बेटियों का विवाह नहीं करते हैं। लोगों का मानना है, कि विवाह पंचमी के दिन विवाह करने से कहीं सीता की तरह ही उनकी बेटी का वैवाहिक जीवन भी दुखमयी न हो जाए। यही नहीं, विवाह पंचमी के दिन रामकथा का अंत राम और सीता के विवाह पर ही हो जाता है। दरअसल, दोनों के जीवन के आगे की कथा दुख और कष्ट से भरी है और इसका शुभ अंत करके ही कथा का समापन कर दिया जाता है। ----------:::×:::---------- "जय श्री राम" " कुमार रौनक कश्यप " *******************************************

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