Ram Niwas Soni
Ram Niwas Soni Dec 6, 2021

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 16 शेयर

#जिन्होंने_आर्डर_नहीं_किया_है_वो_ही_आर्डर_करें । 👍जीने की राह पुस्तक बिल्कुल निशुल्क मंगवाने के लिए नाम:- ...... पता, पिनकोड:- ....... मोबाइल नम्बर :-....... पुस्तक किस भाषा में चाहिए...... comment box में दें या इस whatsaap no. पर दीजिये 7509250415 कोई चार्ज नहीं है बिल्कुल #फ्री पुस्तक प्राप्त करें. नाम पता मोबाइल नंबर अगर आपका सही है तो इस पुस्तक को हम आप तक पहुंचाने की गारंटी लेते हैं. इस पुस्तक की डिलीवरी 30 दिन के अंदर अंदर कर दी जाती है, 1 से ज्यादा बार ओर्डर डालने वालों का ओर्डर केंसल हो जाता है हमको जन्म देने व मारने में किस प्रभु का स्वार्थ? हम सभी देवी- देवताओं की इतनी भक्ति करते हैं फिर भी दुखी क्यों हैं इन अनसुलझे सवालों का जवाब पाने के लिए पढ़िए पुस्तक "जीने की राह" यह धार्मिक पुस्तक 100% निशुल्क है कोई डिलीवरी चार्ज भी नहीं लगेगा । क्यों जिंदगी में दुख आता है?? हम न चाह कर में नशे में लिप्त रहते है।??? क्यों हमे नशे की लत लगती है?? क्यों परेशानी आती है हँसते खेलते परिवार में?? और भी बहुत से प्रश्नों को उत्तर जानना चाहोगे तो पढिये संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित पुस्तक "जीने की राह" जिसमे है हर समस्या का समाधान तो देर किस बात की जल्दी अपना आर्डर कीजिये यदि आप अपना नाम पता मोबाइल नंबर गुप्त रखना चाहते हैं तो इस व्हाट्सएप नंबर- 7509250415 पर पुस्तक आर्डर करें. Free book with free Home dilevry

+2 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर

+36 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 21 शेयर

+8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 3 शेयर

. हनुमानजी का विवाह कहा जाता है कि हनुमान जी के उनकी पत्नी के साथ दर्शन करने के बाद घर में चल रहे पति पत्नी के बीच के सारे तनाव खत्म हो जाते हैं। आन्ध्रप्रदेश के खम्मम जिले में बना हनुमान जी का यह मन्दिर काफी मायनों में खास है। यहाँ हनुमान जी अपने ब्रह्मचारी रूप में नहीं बल्कि गृहस्थ रूप में अपनी पत्नी सुवर्चला के साथ विराजमान है। हनुमान जी के सभी भक्त यही मानते आए हैं की वे बाल ब्रह्मचारी थे और वाल्मीकि, कम्भ, सहित किसी भी रामायण और रामचरित मानस में बालाजी के इसी रूप का वर्णन मिलता है। लेकिन पराशर संहिता में हनुमान जी के विवाह का उल्लेख है। इसका सबूत है आन्ध्र प्रदेश के खम्मम जिले में बना एक खास मन्दिर जो प्रमाण है हनुमान जी की शादी का। यह मन्दिर याद दिलाता है रामदूत के उस चरित्र का जब उन्हें विवाह के बन्धन में बन्धना पड़ा था। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि भगवान हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी नहीं थे। पवनपुत्र का विवाह भी हुआ था और वो बाल ब्रह्मचारी भी थे। कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण ही बजरंगबली को सुवर्चला के साथ विवाह बन्धन में बन्धना पड़ा। प्रसंग कुछ इस प्रकार है–हनुमान जी ने भगवान सूर्य को अपना गुरु बनाया था। हनुमान, सूर्य से अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। सूर्य कहीं रुक नहीं सकते थे इसलिए हनुमान जी को सारा दिन भगवान सूर्य के रथ के साथ साथ उड़ना पड़ता और भगवान सूर्य उन्हें तरह-तरह की विद्याओं का ज्ञान देते। लेकिन हनुमान जी को ज्ञान देते समय सूर्य के सामने एक दिन धर्मसंकट खड़ा हो गया। कुल 9 तरह की विद्या में से हनुमान जी को उनके गुरु ने पांच तरह की विद्या तो सिखा दी लेकिन बची चार तरह की विद्या और ज्ञान ऐसे थे जो केवल किसी विवाहित को ही सिखाए जा सकते थे। हनुमान जी पूरी शिक्षा लेने का प्रण कर चुके थे और इससे कम पर वो मानने को राजी नहीं थे। इधर भगवान सूर्य के सामने संकट था कि वह धर्म के अनुशासन के कारण किसी अविवाहित को कुछ विशेष विद्याएं नहीं सिखला सकते थे। ऐसी स्थिति में सूर्य देव ने हनुमान जी को विवाह की सलाह दी। और अपने प्रण को पूरा करने के लिए हनुमान जी भी विवाह सूत्र में बन्धकर शिक्षा ग्रहण करने को तैयार हो गए। लेकिन हनुमान जी के लिए दुल्हन कौन हो और कहाँ से वह मिलेगी इसे लेकर सभी चिंतित थे। सूर्य देव ने अपनी परम तपस्वी और तेजस्वी पुत्री सुवर्चला को हनुमान जी के साथ शादी के लिए तैयार कर लिया। इसके बाद हनुमान जी ने अपनी शिक्षा पूर्ण की और सुवर्चला सदा के लिए अपनी तपस्या में रत हो गई। इस तरह हनुमान जी भले ही शादी के बन्धन में बन्ध गए हो लेकिन शारीरिक रूप से वे आज भी एक ब्रह्मचारी ही हैं। पाराशर संहिता में तो लिखा गया है की खुद सूर्यदेव ने इस शादी पर यह कहा कि–यह शादी ब्रह्माण्ड के कल्याण के लिए ही हुई है और इससे हनुमान जी का ब्रह्मचर्य भी प्रभावित नहीं हुआ। ~~~०~~~ "जय बजरंग बली" "कुमार रौनक कश्यप " *************************************************

+16 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 25 शेयर
Malti Bansal Jan 19, 2022

+26 प्रतिक्रिया 11 कॉमेंट्स • 48 शेयर

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
RK Vishwakarma Jan 19, 2022

+9 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 29 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB