R S Sharma
R S Sharma Oct 21, 2021

RADHE RADHE ji 🌷🌷🌷🌸🌷👌🙏🙏🙏🙏🙏

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Shuchi Singhal Nov 25, 2021

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Shuchi Singhal Nov 24, 2021

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lalit mohan jakhmola Nov 25, 2021

****जय श्री राधे कृष्णा जी*** ##विज्ञान और संस्कार का अति सुन्दर वार्तालाप## @*एक माँ* अपने पूजा-पाठ से फुर्सत पाकर अपने *विदेश में रहने वाले बेटे* से विडियो चैट करते वक्त *पूछ बैठी-* *"बेटा! कुछ पूजा-पाठ भी करते हो या नहीं?"* *बेटा बोला-* *"माँ, मैं एक जीव वैज्ञानिक हूँ। मैं अमेरिका में मानव के विकास पर काम* कर रहा हूँ। *विकास का सिद्धांत, चार्ल्स डार्विन.. क्या आपने उसके बारे में सुना भी है?"* *उसकी माँ मुस्कुराई* और *बोली.....* *"मैं डार्विन के बारे में जानती हूँ बेटा.. उसने जो भी खोज की, वह वास्तव में सनातन-धर्म के लिए बहुत पुरानी खबर है।"* “हो सकता है माँ!” बेटे ने भी *व्यंग्यपूर्वक* कहा। *“यदि तुम कुछ समझदार हो, तो इसे सुनो..” उसकी माँ ने प्रतिकार किया।* *“क्या तुमने दशावतार के बारे में सुना है?* *विष्णु के दस अवतार ?”* बेटे ने सहमति में कहा... *"हाँ! पर दशावतार का मेरी रिसर्च से क्या लेना-देना?"* *माँ फिर बोली-* *"लेना-देना है..* *मैं तुम्हें बताती हूँ कि तुम और मि. डार्विन क्या नहीं जानते हो ?"* *“पहला अवतार था 'मत्स्य', यानि मछली।* ऐसा इसलिए कि *जीवन पानी में आरम्भ हुआ। यह बात सही है या नहीं?”* बेटा अब ध्यानपूर्वक सुनने लगा.. “उसके बाद आया *दूसरा अवतार 'कूर्म', अर्थात् कछुआ* क्योंकि *जीवन पानी से जमीन की ओर चला गया.. 'उभयचर (Amphibian)',* तो *कछुए ने समुद्र से जमीन की ओर के विकास को दर्शाया।”* *“तीसरा था 'वराह' अवतार, यानी सूअर।* जिसका मतलब *वे जंगली जानवर, जिनमें अधिक बुद्धि नहीं होती है*। *तुम उन्हें डायनासोर कहते हो।”* बेटे ने आंखें फैलाते हुए सहमति जताई.. *“चौथा अवतार था 'नृसिंह', आधा मानव, आधा पशु*। जिसने दर्शाया *जंगली जानवरों से बुद्धिमान जीवों का विकास।”* *“पांचवें 'वामन' हुए, बौना जो वास्तव में लंबा बढ़ सकता था*। क्या तुम जानते हो ऐसा क्यों है? *क्योंकि मनुष्य दो प्रकार के होते थे- होमो इरेक्टस(नरवानर) और होमो सेपिअंस (मानव),* और *होमो सेपिअंस ने विकास की लड़ाई जीत ली।”* बेटा दशावतार की प्रासंगिकता सुन के स्तब्ध रह गया.. माँ ने बोलना जारी रखा- *“छठा अवतार था 'परशुराम', जिनके पास शस्त्र (कुल्हाड़ी) की ताकत थी*। वे दर्शाते हैं उस *मानव* को, *जो गुफा और वन में रहा.. गुस्सैल और असामाजिक।”* *“सातवां अवतार थे 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम', सोच युक्त प्रथम सामाजिक व्यक्ति।* जिन्होंने *समाज के नियम बनाए और समस्त रिश्तों का आधार।”* *“आठवां अवतार थे 'भगवान श्री कृष्ण', राजनेता, राजनीतिज्ञ, प्रेमी।* जिन्होंने समाज के नियमों का आनन्द लेते हुए यह सिखाया कि *सामाजिक ढांचे में रहकर कैसे फला-फूला जा सकता है?*” बेटा सुनता रहा, चकित और विस्मित.. *माँ ने ज्ञान की गंगा प्रवाहित रखी -* *“नवां * थे 'महात्मा बुद्ध', वे व्यक्ति जिन्होंने नृसिंह से उठे मानव के सही स्वभाव को खोजा। उन्होंने मानव द्वारा ज्ञान की अंतिम खोज की पहचान की।”* “..और अंत में *दसवां अवतार 'कल्कि' आएगा।* *वह मानव जिस पर तुम काम कर रहे हो.. वह मानव, जो आनुवंशिक रूप से श्रेष्ठतम होगा।”* *बेटा अपनी माँ को अवाक् होकर देखता रह गया..* *अंत में वह बोल पड़ा-* *“ ... यह अद्भुत है माँ.. हिंदू दर्शन वास्तव में अर्थपूर्ण है!”* *मित्रों..* *वेद, पुराण, ग्रंथ, उपनिषद इत्यादि सब अर्थपूर्ण हैं। सिर्फ आपका देखने का दृष्टिकोण होना चाहिए। फिर चाहे वह धार्मिक हो या वैज्ञानिकता...🙏* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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Mr pandey ji Nov 27, 2021

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Mamta Chauhan Nov 26, 2021

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sanjay Awasthi Nov 26, 2021

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Shuchi Singhal Nov 26, 2021

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