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Ravi Kumar Taneja Jan 1, 2022
☆ऊँ☆ परमपिता परमेश्वर आपको नये साल 2022 में सुख,शांति, शक्ति, सम्पति, स्वरुप, शालीनता,संयम, सादगी, सफलता, समृध्दि, साधना, संस्कार, यश और बहुत अच्छा स्वास्थ्य दे ! इन्ही शुभ कामनाओं के साथ आप और आपके परिवार को मेरी तरफ से *कैलेंडर वर्ष 2022* की हार्दिक शुभकामनाएँ🙏🌹🙏 शुभ संध्या वंदना जी 🙏 "नूतन वर्षअभिनंदन" ☆ ऊँ☆🙏🌺🙏

mohini H Jan 3, 2022
jay Shree Krishna shubh dopahar vandnji 🙏🙏

kamal kumar Tiwaari Jan 4, 2022
जय श्री राधे कृष्णा जी आपका दिन मगलमय हो🌹🌹🌹🌹🌹 🙏🙏🌹🌹🌹🌹☕☕⛳

mohini H Jan 4, 2022
jay Shree Krishna shubh dopahar vandnji 🙏🙏

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Radhe Krishna Jan 20, 2022

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Gajendrasingh kaviya Jan 20, 2022

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Shuchi Singhal Jan 20, 2022

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Annu 🥀🥀 Jan 20, 2022

*परमात्मा की खोज* एक बहुत ही मीठा बोलने वाला व्यक्ति था । हर किसी से बड़े प्रेम का व्यवहार करता था । कभी सपने में भी किसी का दिल नहीं दुखाता था । न ही कभी कोई मंदा करम करता था । एक बार नगर में कोई घटना घट गई । किसी ने उसका नाम ले दिया और पुलिस उसे पकड़ कर ले गयी । उसे अदालत में पेश किया गया जहां उसने आपने आपको निर्दोष साबित करने का भरसक प्रयास किया । अदालत ने बड़े ध्यान से उसकी बातों को सुना और आदेश दिया कि, "तुम अपनी बात साबित करने के लिए कोई गवाह ले आओ ।" उसके पुलिस द्वारा पकड़े जाने के कारण नगर मे उसकी खूब बदनामी हो गई और ज्यादातर लोग उस से बात करने से कतराने लगे । जब अदालत द्वारा दी गई तारीख आई तो उसने अपने कुछ दोस्तों को अदालत में उसके हित मे गवाही देने को कहा । उन सभी ने बहाने बना कर उसे इनकार कर दिया फिर उसने अपने परिवार वालो व रिश्तेदारों को कहा । उन्होंने कहा कि, "हम तुम्हारे साथ अदालत के दरवाजे तक तो जा सकते हैं ।" पर उन्होंने भी अंदर जाने और गवाही देने से इनकार कर दिया । वह बहुत ही दुखी मन से सड़क पर जा रहा था । रास्ते में उसे एक व्यक्ति मिला जिसके साथ उसके कोई घनिष्ठ सबंध नही थे केवल रास्ते मे जाते हुए ही राम राम होती थी । उस व्यक्ति ने जब इसको उदास देखा तो सोचा कि इसकी उदासी का कारण जानना चाहिए । उस व्यक्ति के पूछने पर उसने उसे सारी बात बताई । बात सुनकर उस व्यक्ति ने कहा कि वह उसके साथ अदालत में जायेगा और उसके हक मे बयान भी देगा। पहले व्यक्ति ने यह कहकर उसकी मदद लेने से इनकार कर दिया कि उनके कोई इतने घनिष्ठ सबंध नही हैं कि वह उसकी मदद ले सके। परंतु दूसरा व्यक्ति अपनी जिद पर अड़ा रहा और उसके साथ अदालत मे जा कर उस के हक में बयान दिया जिस से वह व्यक्ति बाइज्ज़त बरी हो गया । सन्तमत विचार-इस कहानी में सब से आखिर में मिलने वाले व्यक्ति से भाव प्रभु से है, जिसके स्थान पर हम केवल रास्ते में चलते हुए ही माथा टेकते हैं । न तो उसकी बात मानते हैं न ही उससे घनिष्ठता करते हैं । परन्तु वह हमेशा हमारी मदद करता है । हमे जमों की मार से बचाता है और चौरासी के गेड़ से निकालता है। हम उस परमात्मा को विसार कर दुनिया मे, बाल बच्चों में, रिश्तेदारों मे ही मस्त रहते है, जो हमारा साथ केवल शमशान तक ही दे सकते हैं। अब फैसला हमें लेना है कि हमने प्रभु से घनिष्ठता करनी है या दुनिया से.. शुभ रात्रि विश्राम जी 💐 आपका दिन शुभ मंगलमय हो 💐💐💐 जय खाटू नरेश की 🌹🌹 जय हो मां शेरावाली 🌹💕💕💕

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kusum sharma Jan 20, 2022

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💞Soni 💞 Jan 20, 2022

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