X7skr🇮🇳
X7skr🇮🇳 Nov 29, 2021

🕉️ namah shivay 🙏 @🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक - 30 नवंबर 2021 ⛅ दिन - मंगलवार ⛅ विक्रम संवत - 2078 ⛅ शक संवत -1943 ⛅ अयन - दक्षिणायन ⛅ ऋतु - हेमंत ⛅ मास - मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक) ⛅ पक्ष - कृष्ण ⛅ तिथि - एकादशी 01 दिसम्बर रात्रि 02:13 तक तत्पश्चात द्वादशी ⛅ नक्षत्र - हस्त रात्रि 08:34 तक तत्पश्चात चित्रा ⛅ योग - आयुष्मान 12:03 तक तत्पश्चात सौभाग्य ⛅ राहुकाल - शाम 03:12 से शाम 04:34 तक ⛅ सूर्योदय - 07:00 ⛅ सूर्यास्त - 17:54 ⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में ⛅ व्रत पर्व विवरण - उत्पत्ति एकादशी, आलंदी यात्रा (पुणे) 💥 विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।। 💥 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l 💥 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए। 💥 एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है। 💥 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं। 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 उत्पत्ति एकादशी 🌷 ➡️ 30 नवम्बर 2021 मंगलवार को प्रातः 04:14 से रात्रि 02:13 तक (यानी 30 नवम्बर, मंगलवार को पूरा दिन) एकादशी है। 💥 विशेष - 30 नवम्बर, मंगलवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें । 🙏🏻 उत्पत्ति एकादशी ( व्रत करने से धन, धर्म और मोक्ष की प्राप्ति होती है | - पद्म पुराण ) 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 स्नान के साथ पायें अन्य लाभ 🌷 🐄 गोमय से ( देशी गौ-गोबर को पानी में मिलाकर उससे ) स्नान करने पर लक्ष्मीप्राप्ति होती है तथा गोमूत्र से स्नान करने पर पाप-नाश होता है | गोदुग्ध से स्नान करने पर बलवृद्धि एवं दही से स्नान करने पर लक्ष्मी की वृद्धि होती है | ( अग्निपुराण : २६७.४-५) 🙏🏻 ऋषिप्रसाद – दिसम्बर 2020 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 पौष्टिक खजूर 🌷 🔹 १३२ प्रकार की बीमारियों को जड़ से उखाडनेवाला, त्रिदोषनाशक खजूर तुरंत शक्ति – स्फूर्ति देनेवाला, रक्त – मांस व वीर्य की वृद्धि करनेवाला, कब्जनाशक, कान्तिवर्धक, ह्रदय व मस्तिष्क का टॉनिक है | 💥 सेवन - विधि : बच्चों के लिए २ से ४ और बड़ों के लिए ४ से ७ | 🙏🏻 स्त्रोत – लोककल्याण सेतु – नवम्बर २०१६ से 📖 हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर 📒 हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात) 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🙏🏻🌷🍀🌹🌻🍁🌺💐🌸🙏🏻 T.me/HinduPanchang

+4 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 21 शेयर

कामेंट्स

X7skr🇮🇳 Jan 19, 2022

🕉️ namah shivay 🙏 @🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~🌞 ⛅ *दिनांक - 20 जनवरी 2022* ⛅ *दिन - गुरुवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार - पौष)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - द्वितीया सुबह 08:04 तक तत्पश्चात तृतीया* ⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा सुबह 08:24 तक तत्पश्चात मघा* ⛅ *योग - आयुष्मान् शाम 03:45 तक तत्पश्चात सौभाग्य* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 02:13 से शाम 03:35 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:19* ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *माघ कृष्ण चतुर्थी / संकष्टी चतुर्थी / संकट चौथ* 🌷 ➡ *21 जनवरी 2022 शुक्रवार को संकट चौथ, संकष्टी चतुर्थी का त्यौहार है। इस चतुर्थी को 'माघी कृष्ण चतुर्थी', 'तिलचौथ', ‘वक्रतुण्डी चतुर्थी’ भी कहा जाता है।* 🙏🏻 *इस दिन गणेश भगवान तथा संकट माता की पूजा का विधान है। संकष्ट का अर्थ है 'कष्ट या विपत्ति', 'कष्ट' का अर्थ है 'क्लेश', सम् उसके आधिक्य का द्योतक है। आज किसी भी प्रकार के संकट, कष्ट का निवारण संभव है। आज के दिन व्रत रखा जाता है। इस व्रत का आरम्भ ' गणपतिप्रीतये संकष्टचतुर्थीव्रतं करिष्ये ' - इस प्रकार संकल्प करके करें । सायंकालमें गणेशजी का और चंद्रोदय के समय चंद्र का पूजन करके अर्घ्य दें।* *'गणेशाय नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धि प्रदायक।* *संकष्टहर में देव गृहाणर्धं नमोस्तुते।* *कृष्णपक्षे चतुर्थ्यां तु सम्पूजित विधूदये।* *क्षिप्रं प्रसीद देवेश गृहार्धं नमोस्तुते।'* 🙏🏻 *नारदपुराण, पूर्वभाग अध्याय 113 में संकष्टीचतुर्थी व्रत का वर्णन इस प्रकार मिलता है।* *माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टव्रतमुच्यते । तत्रोपवासं संकल्प्य व्रती नियमपूर्वकम् ।। ११३-७२ ।।* *चंद्रोदयमभिव्याप्य तिष्ठेत्प्रयतमानसः । ततश्चंद्रोदये प्राप्ते मृन्मयं गणनायकम् ।। ११३-७३ ।।* *विधाय विन्यसेत्पीठे सायुधं च सवाहनम् । उपचारैः षोडशभिः समभ्यर्च्य विधानतः ।। ११३-७४ ।।* *मोदकं चापि नैवेद्यं सगुडं तिलकुट्टकम् । ततोऽर्घ्यं ताम्रजे पात्रे रक्तचंदनमिश्रितम् ।। ११३-७५ ।।* *सकुशं च सदूर्वं च पुष्पाक्षतसमन्वितम् । सशमीपत्रदधि च कृत्वा चंद्राय दापयेत् ।। ११३-७६ ।।* *गगनार्णवमाणिक्य चंद्र दाक्षायणीपते । गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक ।। ११३-७७ ।।* *एवं दत्त्वा गणेशाय दिव्यार्घ्यं पापनाशनम् । शक्त्या संभोज्य विप्राग्र्यान्स्वयं भुंजीत चाज्ञया ।। ११३-७८ ।।* *एवं कृत्वा व्रतं विप्र संकष्टाख्यं शूभावहम् । समृद्धो धनधान्यैः स्यान्न च संकष्टमाप्नुयात् ।। ११३-७९ ।।* 🙏🏻 *माघ कृष्ण चतुर्थी को ‘संकष्टवव्रत’ बतलाया जाता है। उसमें उपवास का संकल्प लेकर व्रती सबेरे से चंद्रोदयकाल तक नियमपूर्वक रहे। मन को काबू में रखे। चंद्रोदय होने पर मिट्टी की गणेशमूर्ति बनाकर उसे पीढ़े पर स्थापित करे। गणेशजी के साथ उनके आयुध और वाहन भी होने चाहिए। मिटटी में गणेशजी की स्थापना करके षोडशोपचार से विधिपूर्वक उनका पूजन करें । फिर मोदक तथा गुड़ से बने हुए तिल के लडडू का नैवेद्य अर्पण करें।* *तत्पश्चात्‌ तांबे के पात्र में लाल चन्दन, कुश, दूर्वा, फूल, अक्षत, शमीपत्र, दधि और जल एकत्र करके निम्नांकित मंत्र का उच्चारण करते हुए उन्हें चन्द्रमा को अर्घ्य दें -* *गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।* *गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥* *'गगन रूपी समुद्र के माणिक्य, दक्ष कन्या रोहिणी के प्रियतम और गणेश के प्रतिरूप चन्द्रमा! आप मेरा दिया हुआ यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।’* *इस प्रकार गणेश जी को यह दिव्य तथा पापनाशन अर्घ्य देकर यथाशक्ति उत्तम ब्राह्मणों को भोजन कराने के पश्च्यात स्वयं भी उनकी आज्ञा लेकर भोजन करें। ब्रह्मन ! इस प्रकार कल्याणकारी ‘संकष्टवव्रत’ का पालन करके मनुष्य धन-धान्य से संपन्न होता है। वह कभी कष्ट में नहीं पड़ता।* 🙏🏻 *लक्ष्मीनारायणसंहिता में भी कुछ इसी प्रकार वर्णन मिलता है ।* *माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टहारकं व्रतम् ।* *उपवासं प्रकुर्वीत वीक्ष्य चन्द्रोदयं ततः ।। १२८ ।।* *मृदा कृत्वा गणेशं सायुधं सवाहनं शुभम् ।* *पीठे न्यस्य च तं षोडशोपचारैः प्रपूजयेत् ।। १२९ ।।* *मोदकाँस्तिलचूर्णं च सशर्करं निवेदयेत् ।* *अर्घ्यं दद्यात्ताम्रपात्रे रक्तचन्दनमिश्रितम् ।। १३० ।।* *कुशान् दूर्वाः कुसुमान्यक्षतान् शमीदलान् दधि ।* *दद्यादर्घ्यं ततो विसर्जनं कुर्यादथ व्रती ।। १३१ ।।*

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 10 शेयर
Jagdish Kushwaha,ji Jan 19, 2022

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 20 शेयर
Madhu Soni Jan 19, 2022

+34 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 43 शेयर
X7skr🇮🇳 Jan 19, 2022

+14 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 5 शेयर
X7skr🇮🇳 Jan 19, 2022

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर

+8 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 9 शेयर
surekha Sonar Jan 19, 2022

+17 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 3 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB