Rani
Rani Sep 16, 2021

🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 ☘️🙏om nmo bhgwate bashudeway 🙏☘️☘️ ☘️☘️☘️🙏🚩jai lakshmi maiya 🚩🙏☘️☘️☘️ ☘️☘️☘️☘️🙏suprbhat vandan ji🙏☘️☘️☘️☘️ 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

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कामेंट्स

Neha Sharma Sep 16, 2021
*कुछ हासिल करने के लिए, ज़रूरी नहीं कि दौड़ा जाये, बहुत सारी चीजें ठहरने से भी प्राप्त हो जाती हैं, जैसे सुकून, शांति और परमात्मा...🌺🙏*ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः*🙏🌺*जय श्री राधेकृष्णा*🌺🙏 🌺🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌺

Shivsanker Shukla Sep 16, 2021
सादर सप्रेम सुप्रभात आदरणीय बहन

Nitin Sharma Sep 16, 2021
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः🕉🚩 जय श्री हरि विष्णु🕉🚩 🚩 शुभ प्रभात 🚩

Rakesh Kumar Sharma Sep 16, 2021
🌞🌹🙏शुभ प्रभात वंदन जी🙏🌹 🌞🌷🥀🙏 जय श्री कृष्णा राधे राधे जी🙏🌹🌹 🌼🙏 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जी🙏 🌼 🌷🙏 भगवान श्री ब्रह्म विष्णु महेश जी का आशीर्वाद आप ओर आप के परिवार पर हमेशा बना रहे🙏🌹 🇮🇳🌴🔱🌲🍁🍀

Sharda Dubey Sep 16, 2021
जय श्री हरि विष्णु जी 🙏🏻 शुभ सबेरा बहन 🌹 सदा खुश रहें 🌺🌹

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Sep 16, 2021
Good Afternoon My Sister ji 🙏🙏 Om Namo Bhagwate Vasudevay Namah 🙏🙏🌹🌹 Om Namo Lakshmi Narayan Namah 🙏🙏🌹🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌷🌷💐💐💐💐🌹🌹🌹🌹.

R.K.SONI (Ganesh Mandir Sep 16, 2021
जय श्री हरि विष्णु जी की कृपा🙏.से आप व आपके परिवार को हर पल खुश ब स्वस्थ रखे जी👌💐🙏

sunita Sep 16, 2021
Jay shree hari suhbdophr vandan sister ji bahut sundar bajan ji 🌹🌺🙏🏻🌹🌺🙏🏻

Ravi Kumar Taneja Sep 16, 2021
🕉 *ऊँ नमो:भगवते वासुदेवाय नमो:नमः*🕉 *꧁🌹श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवाय🌹꧂* *꧁🌹 Զเधॆ Զเधॆ 🌹꧂* *प्रभु जगन्नाथ जी और माता लक्ष्मी देवी की कृपा से आप सदा स्वस्थ रहें, मस्त रहे तथा मुस्कुराते रहें*🙏 🌹शुभ मंगल दोपहर वंदना🌹 🙏🌹🙏जय जय श्री राधे राधे🙏🌹🙏 श्री नाथ जी सदा सहाय 🙏🌼🙏 जय श्री कृष्णा 🙏🌹🙏 *सदैव प्रसन्न रहिये!* *जो प्राप्त है,पर्याप्त है!!!* 🕉🦚🦢🙏🌹🙏🦢🦚🕉

Anup Kumar Sep 16, 2021
जय श्री हरि विष्णु 🙏🏻🙏🏻 शुभ दोपहर वंंदन, बहना ।माता लक्ष्मी एवं भगवान विष्णु की कृपा सदैव आप सपरिवार पर रहे। आप हमेशा स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें 🙏🏻🌹

SANTOSH YADAV Sep 16, 2021
जय श्री गणेश जय श्री लक्ष्मी नारायण शुभ गुरुवार वंदन जी

JAGDISH BIJARNIA Sep 16, 2021
om namo bhagwate vasudevaye sister ji subh ratri vandan 🌹🌹🙏

SOM DUTT SHARMA Sep 16, 2021
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 Sri Radhey 🙏 Radhey g very very sweet good night g sweet dreams and take care g thanks 🙏 g 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

mona Sep 17, 2021
Om Namah Bhagwate Vasudevaya Namah

Vandana Singh Oct 15, 2021

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Runa Sinha Oct 14, 2021

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Ammbika Oct 14, 2021

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Acharya Rajesh Oct 15, 2021

☀️ *लेख:- पापाकुंशा एकादशी (16.10.2021)* *एकादशी तिथि आरंभ:-15.10.21, 6:02 am* *एकादशी तिथि समाप्त:-16.10.21, 5:38 pm* *पापांकुशा एकादशी पारणा मुहूर्त:-17.10 2021* 6:23 am से 8:41 तक* *अवधि:- 2 घंटे 17 मिनट* पापाकुंशा एकादशी व्रत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन किया जाता है। मनुष्यों के पापकर्मो के फल को नष्ट करने, पापकर्मो पर अंकुश लगाने के लिए पापाकुंशा एकादशी अंकुश के समान है, इसके अतिरिक्त मनोवांछित फल कि प्राप्ति के लिये भी पापाकुंशा एकादशी कि पूजा की जाती है। पापरुपी हाथी को व्रत के पुण्यरूपी अंकुश से भेदने के कारण ही इसका नाम पापांकुशा एकादशी हुआ है। इस दिन मौन रहकर भगवद स्मरण और भोजन रहित व्रत करने का विधान है। इस प्रकार भगवान की आराधना करने से मन शुद्ध होता है और व्यक्ति में सद्गुणों का समावेश होता है। वर्ष 2021 मे उदया तिथि के अनुसार 16 अक्तूबर को यह व्रत किया जाएगा। भगवान विष्णु का भक्ति भाव से पूजन आदि करके भोग लगाया जाता है । वैष्णव समुदाय इस एकादशी पर श्री हरी को पद्मनाभा के रूप में पूजते है। भगवान कृष्ण जी के भक्त कान्हा जी की पूजा विधि विधान से करते है। *पापाकुंशा एकादशी का महत्व* महाभारत काल में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को पापाकुंशा एकादशी का महत्व बताया। भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि यह एकादशी पापो का शमन करती है अर्थात पाप कर्मों से रक्षा करती है। इस एकादशी के व्रत से मनुष्य को अर्थ और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के संचित पाप नष्ट हो जाते हैं। पापाकुंशा एकादशी हजार अश्वमेघ और सौ सूर्ययज्ञ करने के समान फल प्रदान करने वाली होती है। इस एकादशी व्रत के समान अन्य कोई व्रत नहीं है। इसके अतिरिक्त जो व्यक्ति इस एकादशी की रात्रि में जागरण करता है वह स्वर्ग का भागी बनता है । इस एकादशी के दिन दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु भक्तों के लिए एकादशी के दिन व्रत करना प्रभु भक्ति के मार्ग में प्रगति करने का माध्यम बनता है । इस एकादशी के दिन भक्त लोग कठिन उपवास रखते है, इस दिन मौन व्रत भी रखा जाता है, सांसारिक बातों से दूर रहना चाहि, मन को शांत रखना चाहिए, पाप कर्म से दूर रहना चाहिए, झूठ नहीं बोलना चाहिए । इस व्रत के दौरान कम से कम बोलना चाहिए, ताकि मुंह से गलत बातें न निकलें । *पापांकुशा एकादशी पूजा विधि:-* इस पापांकुशा एकादशी का व्रत दशमी के दिन से ही शुरू हो जाता है. दशमी के दिन एक समय सूर्यास्त होने से पहले सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए, फिर इस व्रत को अगले दिन एकादशी समाप्त होने तक रखा जाता है। व्रत से एक दिन पहले दशमी के दिन गेंहूँ, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल एवं मसूर का सेवन नहीं करना चाहिए । 1. सर्वप्रथम व्रती सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें। पवित्रा एकादशी के दिन भगवान नारायण की पूजा विधि-विधान से की जाती है। 2. पूजा मे सबसे पहले धूप-दीप आदि से भगवान विष्णु जी की अर्चना की जाती है, उसके बाद  फल-फूल, नारियल, पान, सुपारी, लौंग, बेर, आंवला आदि व्यक्ति अपनी सामर्थ्य अनुसार भगवान नारायण को अर्पित करते हैं, नेवैद्य तथा तुलसी पत्र अर्पण करें। 3. एकादशी व्रत का संकल्प लें। यदि किसी विशेष कामना की पूर्ति के लिए व्रत कर रहे हैं तो संकल्प के दौरान वह कामना भी बोलें। विष्णु सहस्त्रनाम का जप एवं व्रत की कथा करे अथवा श्रवण करे। 4. दिन भर निराहार रहते हुए भगवान विष्णु का ध्यान करते रहें। यदि करना चाहे तो फलाहार ग्रहण कर सकते हैं। 5. प्रातः पूजा तथा व्रत धारण करने के उपरांत सूर्य देव को जल अर्पित करे। 6. मंदिर में जाकर दीपदान अवश्य करना चाहिए। 7. सायंकाल में एक बार फिर भगवान नारायण की पूजा करें। 8. इस दिन पवित्र नदियों में दीपदान का भी महत्व है। 9. व्रत के दौरान, भक्तों को दिन एवं रात में नहीं सोना चाहिए। उनको अपना समय भगवान् की भक्ति में लगाना चाहिए। दिन भर वैदिक मंत्रो, भजनों को गाते रहें, रात को जागरण कर विष्णु की भक्ति में लीन होना चाहिए। विष्णु पुराण पढ़ना या सुनना चाहिये। 10. पापाकुंशा एकादशी व्रत को द्वादशी के दिन खोला जाता है। द्वादशी के दिन व्रत को खोलने अर्थात "पारणा" मे पहले ब्राह्मण को भोजन करवाकर, गरीबों एवं जरूरतमंदों को खाना खिलाना चाहिए। द्वादशी ख़त्म होने पहले पारणा अवश्य कर लेंना चाहिए। व्रत खोलने अर्थात "पारणा" के लिए सबसे अच्छा समय प्रातःकाल का होता है। *पापांकुशा एकादशी की कथा:-* प्राचीनकाल में विंध्य पर्वत पर क्रोधन नामक एक महाक्रूर बहेलिया रहता था। उसने अपनी सारी जिंदगी, हिंसा,लूट—पाट,मद्यपान और मिथ्याभाषण आदि में व्यतीत कर दी। जब जीवन का अंतिम समय आया तब यमराज ने अपने दूतों को क्रोधन को लाने की आज्ञा दी। यमदूतों ने उसे बता दिया कि कल तेरा अंतिम दिन है। मृत्युभय से भयभीत (आक्रांत) वह बहेलिया (क्रोधन) महर्षि अंगिरा की शरण में उनके आश्रम पहुंचा। महर्षि ने उसके अनुनय—विनय से प्रसन्न होकर उस पर कृपा करके उसे अगले दिन ही आने वाली आश्विन शुक्ल एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करने को कहा। इस प्रकार वह महापातकी व्याध पापांकुशा एकादशी का व्रत-पूजन कर भगवान की कृपा से विष्णुलोक को गया। उधर यमदूत इस चमत्कार को देखकर हाथ मलते रह गए और बिना क्रोधन के यमलोक वाापस लौट गए। *(समाप्त)* ________________________ *आगामी लेख:-* *1. 17 अक्तूबर को "तुला संक्रान्ति" पर लेख।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग,दिल्ली 🌹🌹🌹* *शनिवार,16.10.2021* *श्री संवत 2078* *शक संवत् 1943* *सूर्य अयन- दक्षिणायन, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- शरद् ऋतुः ।* *मास- अश्विन मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- एकादशी तिथि 5:38 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र कुंभ राशि मे।* *नक्षत्र- धनिष्ठा नक्षत्र 9:22 am तक* *योग- गण्ड योग अगले दिन 10:40 am तक (अशुभ है)* *करण- विष्टि करण 5:38 pm तक* *सूर्योदय 6:23 am, सूर्यास्त 5:50 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 11:43 am से 12:29 pm* *राहुकाल - 9:14 am से 10:40 pm* (शुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- पूर्व दिशा ।* *अक्टूबर शुभ दिन:-* 16 (6 pm के उपरांत), 17, 18, 19 (7 pm तक), 20, 21, 22 (7 pm तक), 24, 26, 27 (11 am तक), 28, 29, 30, 31 (2 pm के उपरांत) *अक्टूबर अशुभ दिन:-*  23, 25. *भद्रा :- 16 अक्तू० 5:47 am से 16 अक्तू० 5:38 pm तक* भद्रा मे मुण्डन, गृहारंभ, गृहप्रवेश, विवाह, रक्षाबंधन आदि शुभ काम नही करने चाहिये , लेकिन भद्रा मे स्त्री प्रसंग, यज्ञ, तीर्थस्नान, आपरेशन, मुकद्दमा, आग लगाना, काटना, जानवर संबंधी काम किए जा सकतें है । *पंचक:- पंचक प्रारंभ 15 अक्तू० 9:16 pm से लेकर 20 अक्तू० 2:02 pm तक।* पंचक नक्षत्रों  मे निम्नलिखित काम नही करने चाहिए, 1.छत बनाना या स्तंभ बनाना( lantern  or Pillar ) 2.लकडी  या  तिनके तोड़ना , 3.चूल्हा लेना या बनाना, 4. दाह संस्कार करना (cremation) 5.पंलग चारपाई, खाट , चटाई  बुनना  या बनाना 6.बैठक का सोफा या गद्दियाँ बनाना । 7 लकड़ी ,तांबा ,पीतल को जमा करना ।(इन कामो के सिवा अन्य सभी शुभ  काम पंचको मे किए जा सकते है। *रवि योग :- 14 अक्तू० 9:35 am to 16 अक्तू० 9:22 am तक* यह एक शुभ योग है, इसमे किए गये दान-पुण्य, नौकरी  या सरकारी नौकरी को join करने जैसे कायों मे शुभ परिणाम मिलते है । यह योग, इस समय चल रहे, अन्य बुरे योगो को भी प्रभावहीन करता है। _________________________ *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 15 अक्टू०- दशहरा, विजयदशमी। 16 अक्टू०- पापांकुशा एकादशी। 17 अक्टू०- तुला संक्रान्ति। 18 अक्टू०- प्रदोष व्रत।19 अक्टू०- कोजागर पूजा। 19/20 अक्टू०- शरद पूर्णिमा। 24 अक्टू०- करवा चौथ। 28 अक्टू०- अहोई अष्टमी। ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* ________________________ आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश (रोहिणी, दिल्ली)* *9810449333, 7982803848*

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keshu Singh Chauhan Oct 13, 2021

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