Poonam Aggarwal
Poonam Aggarwal Aug 23, 2021

💐💐* जय श्री राम जय हनुमान*💐💐🙏 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 राजकीय वैभव त्यागकर वल्कल वस्त्र धारण कर प्रभु श्रीराम वन जानेके लिए राजमहलके द्वारपर खड़े हैं।पतिव्रत धर्मका पालन करते हुए श्रीजानकीजीभी पति के संग खड़ी है।लक्ष्मणजी ऐसी विषम परिस्थिति में पितातुल्य भाईसे अलग कैसे रह सकते थे। राज्यका वैभव त्यागकर वे भी वनमें चले गए।इस अवसर पर उर्मिलाजीभी अपने पति लक्ष्मण जी के संग जा सकती थीपरन्तु पति के सेवाधर्ममें विघ्न पढनेकी आशंका से वन जानकी अपेक्षा वे चौदह वर्षपर्यंत राजमहल के एक कक्ष में तपस्यारत रही। श्री रामके वन गमन का सुन कर भरतजी स्तब्ध रह गए।प्रेम सरोवर में विचरण करने वाले जीव द्वेषकी मरुभूमि में कैसे जीवित रह सकतें हैं।भरतजी का श्रीरामजी से अनुपम प्रेम था अयोध्याका शासन सम्भालने का दायित्व भरतजी को सौंपने का निश्चय किया गयापरन्तु भरतजीको यह प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं थाउन्होंने अपने मन की पीड़ा से नगरवासियों एवं मन्त्रि परिषद के सदस्यों को अवगत कराते हुए कहा अपनी दारुन दीनता कहहुँ सबहि सिरु नाइ। देखें बिनु रघुनाथ पद जिय के जरनि न जाई।। एकही आंक इहहि मन माहीं। प्रातःकाल चलिहहूँ प्रभु पाहीं।। ऐसा निश्चय कर श्रीभरतजी अपने समस्त परिजनगुरुजन राजदरबारी और अपनी प्रजाके साथ अपने राजा श्रीरामजी को मनाने नँगे पैर चित्रकूट जा पहुंचे जहां प्रभु श्रीरामभाई लक्ष्मण और भार्या जानकीके संग निवास कर रहे थे।दोनोंका अद्भुत मिलन हुआ।भरतजी की आँखों से अश्रुधारा प्रवाहित हो रही थी।उसी आवेश में भरतजी ने श्रीरामजीसे अयोध्या लौट चलनेकी प्रार्थना कीपरन्तु श्री रामजीने प्रेमपूर्वक भरतजी को अयोध्या में ही रहकर राज्य का संचालन के लिए मना लिया।यह प्रेमका अनूठा उदाहरण है।। 💐💐सु प्र भा त💐💐 💐 राम राम सा 💐🙏

💐💐* जय श्री राम जय हनुमान*💐💐🙏
     💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
       राजकीय वैभव त्यागकर वल्कल
  वस्त्र धारण कर प्रभु श्रीराम  वन
  जानेके लिए राजमहलके द्वारपर
  खड़े हैं।पतिव्रत धर्मका पालन 
  करते हुए श्रीजानकीजीभी पति
  के संग खड़ी है।लक्ष्मणजी ऐसी
  विषम परिस्थिति में पितातुल्य 
  भाईसे अलग कैसे रह सकते थे।
  राज्यका वैभव त्यागकर वे भी 
  वनमें चले गए।इस अवसर पर
  उर्मिलाजीभी अपने पति लक्ष्मण
  जी के संग जा सकती थीपरन्तु
  पति के सेवाधर्ममें विघ्न पढनेकी
  आशंका से वन जानकी अपेक्षा 
  वे चौदह वर्षपर्यंत राजमहल के 
  एक कक्ष में तपस्यारत रही। श्री
  रामके वन गमन का सुन कर
  भरतजी स्तब्ध रह गए।प्रेम 
  सरोवर में विचरण करने वाले 
  जीव द्वेषकी मरुभूमि में कैसे
  जीवित रह सकतें हैं।भरतजी 
  का श्रीरामजी से अनुपम प्रेम था
  अयोध्याका शासन सम्भालने 
  का दायित्व भरतजी को सौंपने
  का निश्चय किया गयापरन्तु
  भरतजीको यह प्रस्ताव स्वीकार्य
  नहीं थाउन्होंने अपने मन की
  पीड़ा से नगरवासियों एवं मन्त्रि
  परिषद के सदस्यों को अवगत 
  कराते हुए कहा
  अपनी दारुन दीनता कहहुँ 
  सबहि सिरु नाइ।
  देखें बिनु रघुनाथ पद जिय के
  जरनि न जाई।।
  एकही आंक इहहि मन माहीं।
  प्रातःकाल चलिहहूँ प्रभु पाहीं।।
  ऐसा निश्चय कर श्रीभरतजी 
  अपने समस्त परिजनगुरुजन
  राजदरबारी और अपनी प्रजाके
  साथ अपने राजा श्रीरामजी को
  मनाने नँगे पैर चित्रकूट जा पहुंचे
  जहां प्रभु श्रीरामभाई लक्ष्मण
  और भार्या जानकीके संग 
  निवास कर रहे थे।दोनोंका 
  अद्भुत मिलन हुआ।भरतजी की
  आँखों से अश्रुधारा प्रवाहित हो
  रही थी।उसी आवेश में भरतजी
  ने श्रीरामजीसे अयोध्या लौट 
  चलनेकी प्रार्थना कीपरन्तु श्री
  रामजीने प्रेमपूर्वक भरतजी को
  अयोध्या में ही रहकर राज्य का
  संचालन के लिए मना लिया।यह
  प्रेमका अनूठा उदाहरण है।।
    💐💐सु  प्र  भा  त💐💐
         💐 राम राम सा 💐🙏

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कामेंट्स

arvind sharma Aug 24, 2021
जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम 🌿🌿🌿

Jawahar lal bhargava Aug 24, 2021
Jai Shree Ram ji Jai Shree Jalaram bapa ji 🌹🌹🌿🌿🙏🙏🌿🌿🌹🌹 Bhagwan Shree Ram ji Aur Shree Balaji Maharaj ji ki Kripa Aap Aur Aapke Parivaar par Sada Bni Rhe Aapka har pal Shubh Aur Mangalmaye ho 🙏🙏 Sister ji

Runa Sinha Aug 24, 2021
Jai Shri Ram🙏🙏 Good night 🌹🌹

Anup Kumar Aug 24, 2021
जय श्री राम 🙏🙏 जय बजरंगबली 🙏🙏 शुभ रात्रि, बहना 🙏🌹

Seema Sharma( Himachal) Aug 24, 2021
🌹☀️🌹☀️🌹☀️🌹☀️ शुभ रात्रि जी 🙏 *अपने हिस्से की खुशियां बेच कर* *भी जो मुस्कराया है ...* *यकीन मानिए ... उसे कभी कोई* *दुख नहीं हरा पाया है ...* *🌟 राम राम जी 🌟*😊🙏😊

Ajit sinh Parmar Aug 24, 2021
गुड न।इट जी र।धेकृषण 🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏 आपक। पोस्ट पर कुल कोमेट 157. हे हम।र। पोस्ट क। कोमेट 15 .हे र।धेकृषण

nandlal Aug 24, 2021
Jai shree Radhe Radhe ji beautiful good night ji My Sister

JAI MAHAKAAL KI 🙏🌹🙏🌹 Aug 24, 2021
जय श्री राधे कृष्ण🙏🌹 🥀🌱🥀🌱🥀🌱🥀🌱 शुभ रात्रि विश्राम🙏🌹 हम अपने भगवान के करिश्में को कभी नहीं समझ सकते वो हमें आखिरी हद तक आज़माता है, और फिर अचानक से ऐसा कर देता है कि सारे ज़ख्म भर जाते हैं और याद भी नहीं रहता कि तकलीफ़ क्या थी….✍🏻 ॥ जय श्री राधे कृष्णा ॥

Shyam Pandit Aug 24, 2021
ओम श्री राधे गोविन्द नमन शूभ रात्रि विश्राम पूनम जी ईश्वर आप सभी को खुश रेख जी कैसे हो आप

Ajit sinh Parmar Aug 24, 2021
गुड न।इट जी र।धेकृषण 🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏

Malti Singh Aug 24, 2021
जय श्री राम 🙏 जय श्री हनुमान जी 🙏 शुभ रात्रि वंदन पुनम जी 🙏 श्री राम भक्त हनुमान जी आपकी हर मनोकामना पूर्ण करें। आप सपरिवार खुश रहें स्वस्थ रहें व सुरक्षित रहें।🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿

🔹🌼🇮🇳हरि प्रिय पाठक🇮🇳🌼🔹 Aug 24, 2021
🍁🌲*"शुभ रात्रि वंदन जी"*🌲🍁 💜❤️💜❤️💜❤️💜❤️💜❤️ **बंदौ चरण सरोज निज, जनक ललि सुख धाम* **रम प्रिय किरपा करे सुमिरौ आठों धाम*। 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 🍁🌲स्नेहिल शुभ रात्रि जी🌲🍁 💥।।स्प्रेम राम राम जी।।💥 〰️〰️🌼‼️🙏‼️🌼〰️〰️ ::::::::::::::::::$$$$$::::::::::::::::::

🔹🌼🇮🇳हरि प्रिय पाठक🇮🇳🌼🔹 Aug 24, 2021
🍁🌲*"शुभ रात्रि वंदन जी"*🌲🍁 💜❤️💜❤️💜❤️💜❤️💜❤️ **बंदौ चरण सरोज निज, जनक ललि सुख धाम* **राम प्रिय किरपा करे सुमिरौ आठों धाम*। 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 🍁🌲स्नेहिल शुभ रात्रि जी🌲🍁 💥।।स्प्रेम राम राम जी।।💥 〰️〰️🌼‼️🙏‼️🌼〰️〰️ ::::::::::::::::::$$$$$::::::::::::::::::

s.r.pareek Aug 24, 2021
🥀सुमधुर सप्रेम स्नेह शुभ रात्रि नमन् वंदन जी🍃 प्यारी बहना जी जय श्री कृष्णा जी 🙏🏻🙏🏻🌹🌿🌷🍃🌠🍑🍏🍓👈👈

Brajesh Sharma Aug 24, 2021
जय जय श्री राधे कृष्णा जी ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव *ईश्वर आपको सदैव प्रसन्न और स्वस्थ रखे*.. राम राम जी

🙋ANJALI😊MISHRA 🙏 Aug 24, 2021
🌺जय श्री राम🌺राम राम जी मेरी प्यारी बहना जी शुभ रात्रि वंदन🙏आप का हर पल आनंदमय हो👌आप और आपका समस्त परिवार तन, मन, धन ,से सदा सुखी एवम् स्वस्थ रहें🙌🌷जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏हर हर महादेव🍀🙏🙏🙏🙏

Ravi Kumar Taneja Aug 24, 2021
🕉हं हनुमते नमो नमः🙏🌼🙏 🌈शुभ रात्री वंदना जी🌴🌈🌴 🌲वो ही करता है और वो ही करवाता है! फिर क्यों बंदे तू इतराता है!! ऐ बंदे एक साँस भी नहीं है तेरे बस की! वो ही सुलाता और वो ही जगाता है!!🕉🙏🌻🙏🕉 राधे राधे🌹🌹🌹 💥🚩श्री राम जय राम जय जय राम🙏🚩💥 🕉आप हमेशा खुश रहें,मस्त रहें,मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें🙏💥🙏 🕉🔱🙏⚘🙏🔱🕉

ILA SINHA❤️ Oct 19, 2021

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Seemma Valluvar Oct 19, 2021

एक बार भगवान राम और लक्ष्मण एक सरोवर में स्नान के लिए उतरे। उतरते समय उन्होंने अपने-अपने धनुष बाहर तट पर गाड़ दिए जब वे स्नान करके बाहर निकले तो लक्ष्मण ने देखा की उनकी धनुष की नोक पर रक्त लगा हुआ था! उन्होंने भगवान राम से कहा -" भ्राता ! लगता है कि अनजाने में कोई हिंसा हो गई ।" दोनों ने मिट्टी हटाकर देखा तो पता चला कि वहां एक मेढ़क मरणासन्न पड़ा है भगवान राम ने करुणावश मेंढक से कहा- "तुमने आवाज क्यों नहीं दी ? कुछ हलचल, छटपटाहट तो करनी थी। हम लोग तुम्हें बचा लेते जब सांप पकड़ता है तब तुम खूब आवाज लगाते हो। धनुष लगा तो क्यों नहीं बोले ? मेंढक बोला - प्रभु! जब सांप पकड़ता है तब मैं 'राम- राम' चिल्लाता हूं एक आशा और विश्वास रहता है, प्रभु अवश्य पुकार सुनेंगे। पर आज देखा कि साक्षात भगवान श्री राम स्वयं धनुष लगा रहे है तो किसे पुकारता? आपके सिवा किसी का नाम याद नहीं आया बस इसे अपना सौभाग्य मानकर चुपचाप सहता रहा।" कहानी का सार- सच्चे भक्त जीवन के हर क्षण को भगवान का आशीर्वाद मानकर उसे स्वीकार करते हैं सुख और दुःख प्रभु की ही कृपा और कोप का परिणाम ही तो हैं । जय श्री राम बोलकर, मन रख उच्च विचार। 🌹🙏जय श्री राम 🙏🌹

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PRABHAT KUMAR Oct 19, 2021

🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🕉️🕉️ *#जय_श्री_राम_जय_जय_महावीर_हनुमान* 🕉️🕉️ 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *सभी आदरणीय साथियों को रात्रि कालीन वंदन* 🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#हनुमानजी_की_मृत्यु_का_रहस्य* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *संकटमोचन हनुमान को कौन नहीं जानता, भक्तों के हर कष्ट को बस नाम लेने से ही हर लेते हैं प्रभु. राम भक्त हनुमान को महाबली माना गया है जो अजर-अमर हैं. ये कुछ ऐसी बातें हैं जो हर कोई जानता है लेकिन अंजनी पुत्र हनुमान के जीवन के कुछ रहस्य ऐसे हैं जिनके बारे में आप शायद न जानते हों ।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *हनुमान जी की आयु के रहस्य का विवेचन करना एक समस्या है, ऐसे तो ये अश्व्थामा , बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, क्रिपाचार्य, परशुराम और मार्कंडेय — इन आठ चिरजिवियो में एकतम है। पर हनुमान जी को केवल चिरजीवी कहना पर्याप्त नहीं है – इन्हें नित्याजिवी अथवा अजर-अमर कहना भी असंगत नहीं, क्यों की लंका – विजय के पश्चात् हनुमान जी ने एकमात्र श्रीराम में सदा के लिए अपनी निश्छल भक्ति की याचना की थी और श्रीराम ने इन्हें ह्रदय से लगाकर कहा था कि संसार में मेरी कथा जबतक प्रचलित रहेगी, तब तक तुम्हारी कीर्ति भी अमित रहेगी और तुम्हारे शरीर में प्राण भी रहेंगे तुमने मुझपर जो उपकार किये है, उनका बदला मै नहीं चूका सकता। इस प्रकार जब श्रीराम ने चिरकालतक संसार में प्रसन्नचित्त होकर जीवित रहने का इन्हें आशीर्वाद दिया।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *इंद्र से भी हनुमान जी को वरदान मिला था की इनकी मृत्यु तबतक नहीं होगी.। जब तक स्वयं इन्हें मृत्यु की इच्छा नहीं होगी ।श्रीराम ने कहा , तुम जीवन्मुक्त होकर संसार में सुखपूर्वक रहो. कल्प का अंत होने पर तुम्हे मेरे सायुज्य की प्राप्ति होगी. इसमें संदेह नहीं.श्री राम जी के समान ही भगवती जानकी जी ने भी अपने सच्चे भक्त हनुमान जी को आशीर्वाद देते हुए कहा – मारुते! तुम जहाँ कही भी रहोगे, वही मेरी आज्ञा से सम्पूर्ण भोग तुम्हारे पास उपस्थित हो जायेंगे.इन प्रमाणों से ज्ञात होता है की हनुमान जी ना केवल चिरजीवी ही है , अपितु नित्याजिवी, इच्छा-मृत्यु तथा अजर-अमर भी है, भगवान श्रीराम उन्हें कल्प के अंत में सायुज्य मुक्ति का वरदान प्राप्त है, अत: उनकी अजरता-अमरता में कोई संशेय नहीं ।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *प्रभु राम के बारे में महर्षि वाल्मीकि द्वारा अनेक कथाएं लिखी गई हैं, जिन्हें पढ़कर कलयुग के मनुष्य को श्रीराम के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। वाल्मीकि के अलावा प्रसिद्ध महाकवि तुलसीदास ने भी अनगिनत कविताओं द्वारा कलियुग के मानव को श्री राम की तस्वीर जाहिर करने की कोशिश की है। भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण तथा पूर्व से पश्चिम तक, सभी जगहों पर भगवान राम के मंदिर स्थापित किये गए हैं। इनमें से कई मंदिर ऐतिहासिक दृष्टि से बनाए गए हैं। भगवान श्री राम की मुक्ति से पूर्व यदि हम उनके जीवनकाल पर नजर डालें तो प्रभु राम ने पृथ्वी पर 10 हजार से भी ज्यादा वर्षों तक राज किया है। अपने इस लम्बे परिमित समय में भगवान राम ने ऐसे कई महान कार्य किए हैं, जिन्होंने हिन्दू धर्म को एक गौरवमयी इतिहास प्रदान किया है।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *भगवान राम का पृथ्वी लोक से विष्णु लोक में जाना कठिन हो जाता यदि भगवान हनुमान को इस बात की आशंका हो जाती। भगवान हनुमान जो हर समय श्री राम की सेवा और रक्षा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाते थे, यदि उन्हें इस बात का अंदाजा होता कि विष्णु लोक से श्री राम को लेने काल देव आने वाले हैं तो वे उन्हें अयोध्या में कदम भी ना रखने देते ।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#नोट : उक्त जानकारी सोशल मीडिया से प्राप्त किया गया है।* 📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰 *( इस आलेख में दी गई जानकारियाँ धार्मिक आस्था और लौकिक मान्यताओं पर आधारित है जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️

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D N SINGH RATHORE Oct 19, 2021

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