Viney Sharma
Viney Sharma Nov 29, 2021

🙏सुप्रभात वंदन 🙏मंगलवार की शुभकामनाएं🙏 🌹बजरंग बली हनुमान जी की कृपा आप पे सदैव बनी रहे🌹 🌹जय श्री राम 🌹जय श्री बजरंग बली 🌹 🌴🍃🌴🍃🌴🍃🌴🍃🥀🍃🌴🍃 🌹🌹श्री राम जय राम जय जय राम🌹🌹 🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃

🙏सुप्रभात वंदन 🙏मंगलवार की शुभकामनाएं🙏

🌹बजरंग बली हनुमान जी की कृपा आप पे सदैव बनी रहे🌹

🌹जय श्री राम 🌹जय श्री बजरंग बली 🌹

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🌹🌹श्री राम जय राम जय जय राम🌹🌹
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कामेंट्स

Nand Kumar Nov 29, 2021
जय श्री राम जय जय राम 🙏

Kailash Prasad Nov 30, 2021
*जिंदगी बहुत छोटी है,* *जो हमसे अच्छा व्यवहार करते हैं, उन्हें "धन्यवाद" कहो,* *जो हमसे अच्छा व्यवहार नहीं करते, उन्हें मुस्कुरा कर "माफ़" कर दो...✍🏼✍🏾* 🇬 🇴 🇴 🇩 🇲 🇴 🇷 🇳 🇮 🇳 🇬

RD_Khasiya Jan 21, 2022

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Rakesh nema Jan 21, 2022

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*🚩 वृंदावन के बंदर चार चीजों को छीनते हैं पर, क्यूं छीनते हैं आइये एक भाव दृष्टिपात करें।🚩* 1. चप्पल-जूते – तो भैया वृंदावन में आए हो तो वृंदावन हमारे प्रियालालजू की नित्य क्रीडा स्थली है । नित्य विहार स्थली हैं। जहां श्यामा श्याम नंगे पैर विचरण करते हैं। अतः उस रज पर जूते चप्पल पहन कर नही चलना है यही संदेश बंदर देते हैं। 2. चश्मे को छीनते हैं – तो वृंदावन में पधारे प्यारे प्रेमियों वृंदावन को बाह्य नेत्रों से दर्शन करने की आवश्यकता नही है। बाह्य नेत्र से कहीं गंदगी देखोगे कहीं अपशिष्ट देखोगे और घृणा करोगे अपराध बनेगा। अतः उस दिव्यतम श्री धाम वृंदावन का दर्शन आँतरिक नेत्रों से करो। दिव्य यमुना रसरानी जी का दर्शन करो। 3. मोबाइल – भाव - अरे प्यारे भाइयों बडे-बडे योगी यति भी वृंदावन आने के लिए तरसते हैं। श्रीजी की चरण रज बृज रज के लिए बड़े-बड़े देव तरसते हैं। यथा पद में स्वामी हरिराम व्यास जी महाराज कहते हैं- "जो रज शिव सनकादिक याचत सो रज शीश चढाऊं।" तो वृंदावन मे आकर भी बाह्य जगत से संपर्क बनाने का क्या मतलब.? तन वृंदावन में और मन कहाँ मोबाइल में, अतः तन-मन दोनों को वृंदावन में केन्द्रित करें। 4, पर्स – भाव- माया को साथ लेकर चलने की आवश्यकता नहीं है। क्यूंकि यह भजन की भूमि है। यहां पर्स दिखाने की आवश्यकता नहीं। माला झोली पर्याप्त है। अधिक वैभव प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं। क्यूंकि ये शुद्ध माधुर्य लीला की भूमि है। प्रत्येक कण-कण प्रिया लाल जू के रस से आप्लावित है। चूंकि भाव बहुत से हैं। परंतु प्रमुख भावों पर चर्चा की। तो ये बंदर कुछ संदेश देते हैं, परंतु उनके साथ किसी प्रकार का बुरा बर्ताव, सर्वथा अनुचित एवं जघन्य अपराध है। 🌹👣जय श्री राधे कृष्णा जी 👣🌹 🌹 धन धन वृंदावन के बंदर 🌹 🌹जय जय श्री वृंदावन🌹

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gajrajg Jan 21, 2022

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RD_Khasiya Jan 21, 2022

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