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Ravi Kumar Taneja Nov 22, 2021
ॐ नमः शिवाय...🔱🙏🌿🙏🔱 हर हर महादेव...🙏 *🌻 ईश्वर की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता 🌻* 🔱ईश्वर की बनाई यह सृष्टि... बेशकीमती खजानों से भरी पड़ी हैं... और एक भी चौकीदार नहीं हैं... 🔱यहाँ व्यवस्था ऐसी की गई है कि दुनिया में लाखों, व्यक्तियों का आवागमन, प्रतिवर्ष होता हैं... किन्तु... 🔱यहाँ से जाते वक्त कोई भी एक तिनका तक,नहीं ले जा सकता...!!! ॐ नमः शिवाय...🙏 हर हर महादेव...🙏 शुभ रात्री वंदन मित्रों...🙏 आप हमेशा खुश रहें, मस्त रहें ,स्वस्थ रहें, व्यस्त रहें भोलेनाथ से यही प्रार्थना 🙏💐🙏 🕉🔱🙏🌿🙏🌿🙏🔱🕉

santosh yadav Jan 21, 2022

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shiv dev Jan 21, 2022

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💞Meet💞 Jan 21, 2022

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Amit Kumar Jan 21, 2022

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. " प्रार्थना " "प्रार्थना ईश्वर के प्रति अंतर आत्मा से निकली हुई पुकार है, इस पुकार में बनावटीपन नहीं होता है।हृदय की गहराई से निकली हुई पुकार कभी भी निष्फल नहीं होती क्योकि इसमें गहन आस्था और प्रबल विश्वास होता है, और इसका परिणाम हमेशा सकारात्मक होता है।" "हमारे प्राचीन ग्रंथो में भक्तो के द्वारा की गयी अंतरात्मा की पुकार और ईश्वर द्वारा उस पुकार के प्रत्युतर के कई उदाहरण है।" "जब ये पुकार द्रोपदी, मीरा, प्रहलाद, आदि के श्रद्धा, आस्था व विश्वास से भरे हृदय से निकली तो भगवान ने उनकी सहायता की।" "जब व्यक्ति मन और वाणी को एक करके विश्वास के साथ किसी सकारात्मक मनोकामना के लिए प्रार्थना करता है तो ईश्वर उस पवित्र ह्रदय से निकली हुई प्रार्थना को स्वीकार करता है।प्रार्थना के माध्यम से व्यक्ति पर ईश्वरीय प्रेम और कृपा की वृष्टि होती है, यह कृपा वृष्टि व्यक्ति को कष्टों से छुटकारा दिलाती है और सही मार्गदर्शन प्रदान करती है।" "प्रार्थना व्यक्ति के मन को नियंत्रित करती है, उसके चित्त की शुद्धि करती है, चेतना परिष्कृत और विकसित होती है।प्रार्थना देवत्व की अनुभूति का श्रेष्ठ माध्यम है।" "सच्ची श्रद्धा तथा विश्वास से युक्त प्रार्थना करने से ह्रदय में शान्ति की धारा प्रवाहित होती है तथा आत्मा में आनंद की वृष्टि होती है।व्यक्ति की शुभ और कल्याणकारी कामना अवश्य पूर्ण होती है।" "अंतःकरण को मलीन बनाने वाली कुत्सित भावनाओ तथा स्वार्थ एवं संकीर्णताओं से छुटकारा मिलता है।शरीर स्वस्थ तथा परिपुष्ट, मन सूक्ष्म तथा उन्नत और आत्मा पवित्र तथा निर्मल हो जाती है।दुःख के स्थान पर सुख का आनंद प्राप्त होता है।" "प्रार्थना व्यक्ति में यह भाव उत्पन्न करती है कि वह समस्या का सामना करने के लिए अकेला नहीं है बल्कि उसके साथ दिव्य शक्ति भी है।भिन्न-भिन्न धर्म के अनुयायी भिन्न-भिन्न तरीकों से प्रार्थना करते हैं परन्तु सभी धर्मो में प्रार्थना का एक ही लक्ष्य है ईश्वर से निकटता, उसका सानिध्य, उसकी कृपा दृष्टि और उसका मार्गदर्शन प्राप्त करना।" "प्रार्थना करने के लिए किसी निश्चित औपचारिकता की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना के लिए कुछ समय तक शांत होकर बैठे, अपने मन को ईश्वरीय सत्ता पर केन्द्रित कीजिये।ईश्वर से सरल और स्वाभाविक तरीके से बात करिए क्योंकि उससे बात करने के लिए औपचारिक शब्दों की आवश्यकता नहीं है।" "प्रार्थना करते समय आश्वस्त होइए कि ईश्वर आपके साथ है और वह आपकी सहायता कर रहा है।वह आपकी ओर दिव्य शक्ति प्रवाहित कर रहा है, शुभाशीष दे रहा है तथा आपकी कल्याणकारी प्रार्थना को स्वीकार कर रहा है।प्रार्थना से दिन की शुरुआत करने से व्यक्ति के मन में उत्साह, उल्लास व आत्मविश्वास भर जाता है..!! ~~~०~~~ "जय जय श्री राधे" " कुमार रौनक कश्यप " *************************************************

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💞Meet💞 Jan 20, 2022

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💞Meet💞 Jan 20, 2022

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