Anoop Kumar
Anoop Kumar Sep 11, 2021

+16 प्रतिक्रिया 11 कॉमेंट्स • 32 शेयर

कामेंट्स

Shudha Mishra Sep 11, 2021
Jai shri radhe krishna ji🙏🌹 Shubh Sandhya vandan ji Kanha ji ka aashirwad sda aap pr aapke privar pr bna rahe aapka hr pl Shubh v mangalmay ho🙏🏻 🌹

+126 प्रतिक्रिया 36 कॉमेंट्स • 74 शेयर
Mrs. Seema Valluvar Sep 19, 2021

हिंदुओं के श्राद्ध (पितृपक्ष) मनाने के पीछे बहुत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण हैं... क्यों हमारे पूर्वज पितृपक्ष मे कौवों के लिए खीर बनाने को कहते थे ? क्यों पीपल ओर बरगद को सनातन धर्म मे पूर्वजों की संज्ञा दी गई है..? इन सब प्रश्नों का उत्तर बड़ा रोचक और वैज्ञानिक है, हम स्पष्ट कर दें कि श्राद्ध के नाम पर चल रही ढकोसलेबाजी(अनर्गल चढ़ावे, धर्म के नाम का सहारा लेकर अनायास लूट, कई अन्य अंधविश्वास) का हम बिल्कुल समर्थन नहीं करते, ना ही ऐसा कोई तर्क देते हैं कि आप यहां कौवों को तर्पण देंगे और वो वहां आपके पूर्वजों को प्राप्त होगा.. क्योंकि ये सब धर्म, शास्त्र, श्रीमद्भगवद्गीता और विज्ञान के विरुद्ध बातें मानी गई हैं, जो सेवा आप अपने माता-पिता, सास-ससुर, दादा-दादी की जीते जी कर सकते हैं वह कभी भी मृत्यु उपरांत नहीं कर पाएंगे अब बात करते हैं अपनी सर्वश्रेष्ठ सनातन परंपरा की वैज्ञानिकता की... आपने किस दिन पीपल और बरगद के पौधे लगाए हैं..? या कभी किसी को उनका बीज बोते हुए देखा है..? क्या पीपल या बरगद के बीज मिलते हैं..? इसका स्पष्ट जवाब है...... "नहीं" बरगद या पीपल की कलम जितनी चाहे उतनी रोपने की कोशिश करो परंतु नहीं लगेगी। कारण प्रकृति/कुदरत ने इन दोनों उपयोगी वृक्षों को लगाने के लिए अलग ही व्यवस्था कर रखी है। इन दोनों वृक्षों के फल कौवे खाते हैं और उनके पेट में ही बीज की प्रोसेसिंग होती है और तब जाकर बीज उगने लायक हो पाते हैं... उसके पश्चात कौवे जहां-जहां बींट करते हैं, वहां वहां पर ये दोनों वृक्ष उगते हैं। पीपल जगत का एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो round-the-clock ऑक्सीजन छोड़ता है और बरगद के औषधीय गुण अपरम्पार है। देखो अगर इन दोनों वृक्षों को उगाना है तो बिना कौवे की मदद के संभव नहीं है... इसलिए कौवों को बचाना पड़ेगा... और ये होगा कैसे ? मादा कौआ भादो(भाद्रपद) महीने में अंडे देती है और नवजात बच्चा पैदा होता है, तो इस नयी पीढ़ी के बहुपयोगी पक्षी को पौष्टिक और भरपूर आहार मिलना जरूरी है इसलिए हमारे वैज्ञानिक ऋषि-मुनियों ने कौवों के नवजात बच्चों के लिए हर छत पर श्राद्ध के रूप मे पौष्टिक आहार की व्यवस्था कर दी जिससे कि कौवों के नवजात बच्चों का पालन पोषण हो जाये.... इसीलिए हमारा यह पर्व भी संपूर्ण वैज्ञानिक, प्रकृति अनुकूल, और हमारे महान पूर्वजों के पुण्य कर्मों को स्मरण करने के निमित्त एक बहुमूल्य आयोजन है सत्य सनातन 🚩 हर हर महादेव 🚩 जय श्री राम

+361 प्रतिक्रिया 98 कॉमेंट्स • 1102 शेयर

+99 प्रतिक्रिया 22 कॉमेंट्स • 179 शेयर
🍁RAJU-RAI.🍁 Sep 20, 2021

+52 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 218 शेयर
shah Sep 20, 2021

+8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 24 शेयर

+18 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 3 शेयर
bhagwati sharma Sep 20, 2021

+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 21 शेयर

+19 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 5 शेयर
Meena Sharma Sep 20, 2021

+19 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 1 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB