#तुम विशेषाधिकारी हो~ हमारे सौरमण्डल के सभी ग्रहों में पृथ्वी ही विशेषाधिकारी है इतने विभिन्न रूप के जीवों का पोषण करने की। और सभी में मनुष्य अत्यधिक विशेषाधिकारी है क्योंकि वे ज्ञान के पोषण हो सकते हैं। और सभी बुद्धिमान व्यक्तियों में तुम सबसे ज्यादा विशेषाधिकारी हो..... अनुमान लगाओ क्यों ? जो यह नहीं समझते कि वे विशेषाधिकारी हैं, वे विशेष- अधिकारों से रहित हैं। पोषण वे भी करते हैं परन्तु वे सभी प्रकार की नकारात्मकता के पोषक हैं। बार-बार याद रखो कि तुम ही शांति हो, तुम प्रेम हो, आनन्द तुम हो और तुम ही सृष्टि-कर्ता के पोषक हो। यदि तुम यह नहीं समझते कि तुम पोषक हो, तब तुम्हारा जीवन निर्थक है। जैसे पंछी अपने घोंसलों में लौटते हैं, पुन: पुनः तुम अपने स्त्रोत में लौट आओ; केवल वहीं तुम अनुभव कर सकते हो कि तुम ही ईश्वर के पोषक हो।

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Shivani Jan 26, 2022

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Savitri Gautam Jan 26, 2022

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Ramesh agrawal Jan 26, 2022

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Babbu Bhai Jan 26, 2022

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