Neha Sharma
Neha Sharma Oct 5, 2021

*हाथों ने पैरों से पूछा..सब तुझ पर ही मस्तक रखते हैं, मुझ पर नहीं...पैर ने कहा.. उसके लिए ज़मीन पर रहना पड़ता है हवा में नहीं...!!!🌺🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌺 🌺🙏*शुभ रात्रि नमन*🙏🌺 🌴 मनुष्य! सबसे श्रेष्ठ रचना है परमात्मा की!! *पुरानी कथा है कि परमात्मा ने जब प्रकृति बनाई, सब बनाया और फिर आदमी को बनाया, आदमी को उसने मिट्टी से बनाया। जब आदमी बन गया तो परमात्मा ने सारे देवताओं को इकट्ठा करके कहा कि देखो, मेरी श्रेष्ठतम कृति यह मनुष्य है, इससे ऊपर मैंने कुछ भी नहीं बनाया। यह मेरी प्रकृति के सारे विस्तार में सबसे श्रेष्ठ, सबसे गरिमाशाली है। लेकिन एक संदेहवादी देवता ने कहा, यह तो ठीक है, लेकिन मिट्टी से क्यों बनाया ? निकृष्टतम चीज से बनाई श्रेष्ठतम चीज, यह कुछ समझ में नहीं आती। अरे, सोने से बनाते! कम से कम चांदी से बनाते। मिट्टी! कुछ और न मिला ? निकृष्टतम से श्रेष्ठतम को बनाया। तो परमात्मा हंसने लगा, उसने कहा, जिसे श्रेष्ठतम बनना हो, उसे निकृष्टतम से यात्रा करनी होती है। जिसे स्वर्ग जाना हो उसे नर्क में पैर जमाने पड़ते हैं। जिसे ऊपर उठना हो उसे निम्नतम को छूना पड़ता है। और फिर परमात्मा ने कहा, तुमने कभी सोन-चाँदीे में से किसी चीज को उगते देखा ? बो दो बीज सोने में, कभी उगेगा नहीं, मर जाएगा। मिट्टी भर में उगता है कुछ और मनुष्य एक संभावना है, एक आश्वासन है। अभी मनुष्य को होना है, अभी हो नहीं गया, हो सकता है। होने की सब व्यवस्था कर दी है। लेकिन होना पड़ेगा। इसलिए मिट्टी से बनाया है, क्योंकि मिट्टी में ही बीज फूटता है, अंकुर निकलते हैं, वृक्ष पैदा होते, फूल लगते, फल लगते, सुगंध फैलती, महोत्सव घटित होता है। मिट्टी में ही संभावना है, सोने की कोई संभावना नहीं। सोना तो मुर्दा है, चांदी तो मुर्दा है। इसीलिए तो मरे - मरे लोग सोने - चांदी को पूजते हैं। जिंदा लोग मिट्टी को पूजते हैं। जितना जिंदा आदमी उतना उसका मिट्टी लगाव, मिट्टी से प्रेम। मिट्टी जीवन है। ठीक कहा ईश्वर ने कि बीज मिट्टी में फेंक दो तो खिलता, फैलता, बड़ा होता है। मनुष्य एक संभावना है, मनुष्य यात्रा है, अंत नहीं। अभी मनुष्य को होना है, अभी मनुष्य हुआ नहीं। सारी क्षमता पड़ी है छिपी अचेतन में; प्रकट होना है, अभिव्यक्त होना है। गीत तुम लेकर आए हो, अभी गाया नहीं। तुम्हारी वीणा तो है तुम्हारे पास, लेकिन तुम्हारी अंगुलियों ने अभी छुआ नहीं। अष्टावक्र महागीता. 🌹 राधे कृष्णा राधे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे 🌹 *********************************************** 👉*#गोद_भराई*...✍️ *विनीता के विवाह को पूरे 11 साल हो चुके थे परंतु मां बनने का सुख उसको मिला ही नही। था।... मंदिर ,देवी मनौती,व्रत उपवास सब किया पर कुछ नहीं मिला...डॉक्टर ने भी कोई कमी नहीं बताई थी दोनों में फिर..पता नहीं किस पाप का फल मुझे ईश्वर ने दिया ...यही सोच कर मन खराब किये रहती विनीता। उसके दोनों देवरों की शादी उसके सामने हुई ... साल भर में दोनों की गोद में एक-एक बच्चा भगवान ने उनको दे दिया . ! रोज ही तकिया गीला करते उसकी रात कटती...! हालांकि पति कुछ कहते नही थे ...पर जब शाम को बाहर से आते ही देवरानियों के बच्चों को लेकर व्यस्त हो जाते ..उन्हें गोद में लेकर खिलाने लगते तब विनीता का मन बहुत ही कचोटता ...! खैर किया भी क्या जा सकता था?? ऐसा नहीं कि वो इन बच्चों से प्यार नहीं करती थी.. वो तो जान छिड़कती थी... उन पर किन्तु मन का एक कोना बहुत उदास रहता था ....उसका ....! समय पंख लगा कर उड़ रहा था ...!इस बीच मंझले देवर का ट्रांसफर दूसरे शहर हो गया ।अब घर में छोटे देवर- देवरानी और उनकी छुटकी बेटी और वो और उसकी दुनिया बन गयी....! अचानक उसे पता चलता कि छोटी के पांव फिर से भारी है।मन में एक बार फिर अपनी कमी का अहसास तो हुआ पर उसने भगवान की इच्छा के आगे हथियार डाल दिये थे...! भोजन करते करतेअचानक एक दिन उसने सुना ... देवरजी देवरानी से कह रहे थे "सीमा हम अपना दूसरा बच्चा बड़े भाभी-भैया को दे देते हैं..!कैसा रहेगा ??विनीता ने सुना तो वो धक्क से रह गयी ।क्या ऐसा होगा??मैं सचमुच में किसी बच्चे की मां की बन सकती हूँ???अपनी खुशी के रौ में वो देवरानी के चेहरे के भाव नहीं देख पाई..! दूसरे दिन से वो देवरानी की और ज्यादा देखभाल करने लगी। विनीता इतनी खुश थी मानो वो खुद ही मां बन रही हो। उसने छुप- छुप कर नए बच्चे के लिए कपड़े- मोजा टोपा सब बना लिए...! समय आया छोटी देवरानी को बच्चा तो हुआ किन्तु बच्चा मां की गोद में ही रहा... देवरानी के उदासीन व्यवहार ने उसका दिल एकदम तोड़ दिया।बची खुची उम्मीद उसने उन दोनों की बात सुनकर छोड़ दी...जब देवर अपनी पत्नी को समझा रहे थे कि "क्या हुआ अगर हम भाभी को बच्चा दे दे तो...! और देवरानी का कहना कि... भई बच्चा तो घर में ही रहेगा मेरे पास रहे या उनके ... मैं पूरा पूरा अपने बच्चे को किसी को नहीं दे सकती... बस! पटाक्षेप हो गया उसके मां बनने के सपने का भी....! कुछ दिनों बाद फिर खबर आई कि मंझली देवरानी भी मां बनने वाली है ..फोन पर खूब बधाई दी विनीता ने...! मन बहुत रोया उसका पर ईश्वर की इच्छा के आगे भला क्या हो सकता है...? एक रात खबर आई मंझली के बेटा हुआ है... दरअसल मंझली देवरानी को इस बार कुछ कॉम्प्लिकेशन होने के कारण डॉक्टर ने ट्रेवल करने मना कर दिया था...!तो वो उन लोगों ने वहीं शहर में ही डिलवरी करवाने का फैसला कर लिया था.....!रात फोन पर देवर ने कहा "भाभी आप सबको लेकर आ जाइए अगले हफ्ते फंक्शन रख रहे हैं बच्चे का...!" मन ही मन रोते- रोते उसने यात्रा पूरी की। छोटा देवर,उसके दोनों बच्चे, पति, सास सब थे साथ में ...बस वो किसी के साथ नहीं थी ..!"मेरा जीवन तो निरर्थक हो गया भगवान तुमने मेरी कभी नहीं सुनी ...! हर गुजरते मंदिर के आगे वो ऐसा बुदबुदाती...! शाम तक वो सबके साथ मंझले के घर पर पहुंच चुकी थी...!लम्बा चौड़ा आयोजन खूब लोग- बाग गहमा- गहमी ! लेकिन उससे कोई ठीक से बात तक नहीं कर रहा था ...!कुछ औरतें कानाफूसी भी कर रही थी ...पति भी आकर काम में रम गए थे ।वो ही निठल्ली सी बैठी थी...!तभी एक स्त्री ने कहा "आप विनीता जी हैं?"जी हां""चलिये आप"... कह कर वो औरत विनीता को एक कमरे में ले गयी...वहां मंझली देवरानी बच्चे के साथ लेटी थी... उलाहना देते हुए बोली "दीदी कहां हो आप ?शाम को हमारा गोद भराई का फंक्शन है और आप ऐसे मुंह उतार कर बैठी हो ...चलो पहले आप तैयार हो जाइए अच्छे से फिर बच्चे को सम्भालिए ...रुआंसी सी विनीता तैयार होने उठी तो साथ आई महिला ने कहा "आज चलिये मैं आपको तैयार कर देती हूं.....विनीता को बाद में पता चला कि वो ब्यूटिशियन थी...! हल्का मेकअप ,आंखों में काजल, बालों में ढेर सारा गजरा, लाल बनारसी साड़ी ....विनीता का सौंदर्य देखते ही बन रहा था किंतु आंखों में झुंझलाहट भी थी ...गोद में बच्चा देवरानी के आया है और मुझे इन लोग क्यों इतना सजा रहे हैं ..?? फिर हॉल में जहां कार्यक्रम होना था सब इकठ्ठे हुए ....! बच्चे को मंझली देवरानी एक बार भी उसको हाथ लगाने नहीं दी थी... !बस रोने- रोने को हुई जा रही थी विनीता.... तभी मंझले देवर ने सबको शांत करते हुए कहा... "आज का यह आयोजन मेरे बड़े भैया और भाभी के प्रथम पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष्य में रखा गया है... आप सब श्रीमती विनीता एवं राजेश जी को और नवजात शिशु को अपना आशीर्वाद देकर हमें अनुग्रहित करें...। और मंझली ने आकर विनीता को उलाहना देते हुए कहा...लो भी दीदी अब अपने बच्चे को गोद में कब से लिये लिए फिर रही हूं... थक गई हूँ भई मैं...!!!! और विनीता के आंखों के आँसू झर- झर बहने लगे..राजेश की बांहों का सहारा और उन दोनों के बीच नन्हा- सा राजकुमार सब मानो गड्डमगड्ड हुए जा रहे थे...!! क्या मैं सचमुच मां बन गयी??? तालियों का शोर सबके मुस्कुराते चेहरे मंझले देवर देवरानी की पुलकित मुस्कान यही तो कह रही थी... कि वो मां बन गयी...🙏🙏🙏🌹🌹 *जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌺🌺

*हाथों ने पैरों से पूछा..सब तुझ पर ही मस्तक रखते हैं, मुझ पर नहीं...पैर ने कहा.. उसके लिए ज़मीन पर रहना पड़ता है
हवा में नहीं...!!!🌺🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌺
🌺🙏*शुभ रात्रि नमन*🙏🌺
🌴 मनुष्य! सबसे श्रेष्ठ रचना है परमात्मा की!!

*पुरानी कथा है कि परमात्मा ने जब प्रकृति बनाई, सब बनाया और फिर आदमी को बनाया, आदमी को उसने मिट्टी से बनाया।
जब आदमी बन गया तो परमात्मा ने सारे देवताओं को इकट्ठा करके कहा कि देखो, मेरी श्रेष्ठतम कृति यह मनुष्य है, इससे ऊपर मैंने कुछ भी नहीं बनाया।

यह मेरी प्रकृति के सारे विस्तार में सबसे श्रेष्ठ, सबसे गरिमाशाली है।
लेकिन एक संदेहवादी देवता ने कहा, यह तो ठीक है, लेकिन मिट्टी से क्यों बनाया ? निकृष्टतम चीज से बनाई श्रेष्ठतम चीज,
यह कुछ समझ में नहीं आती। अरे, सोने से बनाते! कम से कम चांदी से बनाते।
मिट्टी! कुछ और न मिला ? निकृष्टतम से श्रेष्ठतम को बनाया।

तो परमात्मा हंसने लगा, उसने कहा, जिसे श्रेष्ठतम बनना हो,
उसे निकृष्टतम से यात्रा करनी होती है। जिसे स्वर्ग जाना हो
उसे नर्क में पैर जमाने पड़ते हैं। जिसे ऊपर उठना हो उसे
निम्नतम को छूना पड़ता है।
और फिर परमात्मा ने कहा, तुमने कभी सोन-चाँदीे में से किसी चीज को उगते देखा ? बो दो बीज सोने में, कभी उगेगा नहीं,
मर जाएगा।

मिट्टी भर में उगता है कुछ और मनुष्य एक संभावना है, एक आश्वासन है। अभी मनुष्य को होना है, अभी हो नहीं गया, हो सकता है। होने की सब व्यवस्था कर दी है। लेकिन होना पड़ेगा।

इसलिए मिट्टी से बनाया है, क्योंकि मिट्टी में ही बीज फूटता है,
अंकुर निकलते हैं, वृक्ष पैदा होते, फूल लगते, फल लगते, सुगंध फैलती, महोत्सव घटित होता है।

मिट्टी में ही संभावना है, सोने की कोई संभावना नहीं। सोना तो मुर्दा है, चांदी तो मुर्दा है। इसीलिए तो मरे - मरे लोग सोने - चांदी को पूजते हैं।

जिंदा लोग मिट्टी को पूजते हैं। जितना जिंदा आदमी उतना उसका मिट्टी लगाव, मिट्टी से प्रेम। मिट्टी जीवन है।

ठीक कहा ईश्वर ने कि बीज मिट्टी में फेंक दो तो खिलता, फैलता, बड़ा होता है।

मनुष्य एक संभावना है, मनुष्य यात्रा है, अंत नहीं। अभी मनुष्य को होना है, अभी मनुष्य हुआ नहीं।
सारी क्षमता पड़ी है छिपी अचेतन में; प्रकट होना है, अभिव्यक्त होना है।
गीत तुम लेकर आए हो, अभी गाया नहीं। तुम्हारी वीणा तो है तुम्हारे पास, लेकिन तुम्हारी अंगुलियों ने अभी छुआ नहीं।

 अष्टावक्र महागीता.

              🌹 राधे कृष्णा राधे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे 🌹
***********************************************
👉*#गोद_भराई*...✍️

*विनीता के विवाह को पूरे 11 साल हो चुके थे परंतु मां बनने का सुख उसको मिला ही नही। था।... मंदिर ,देवी मनौती,व्रत उपवास सब किया पर कुछ नहीं मिला...डॉक्टर ने भी कोई कमी नहीं बताई थी दोनों में फिर..पता नहीं किस पाप का फल मुझे ईश्वर ने दिया ...यही सोच कर मन खराब किये रहती विनीता।
उसके दोनों देवरों की शादी उसके सामने हुई ...
साल भर में दोनों की गोद में एक-एक बच्चा भगवान ने उनको दे दिया . !
रोज ही तकिया गीला करते उसकी रात  कटती...!
हालांकि पति कुछ कहते नही थे ...पर जब शाम को बाहर से आते ही देवरानियों के बच्चों को लेकर व्यस्त हो जाते ..उन्हें गोद में लेकर खिलाने लगते तब विनीता का मन बहुत ही कचोटता ...! खैर किया भी क्या जा सकता था??
ऐसा नहीं कि वो इन बच्चों से प्यार नहीं करती थी.. वो तो जान छिड़कती थी... उन पर
किन्तु मन का एक कोना बहुत उदास रहता था ....उसका ....!

समय पंख लगा कर उड़ रहा था ...!इस बीच मंझले देवर का ट्रांसफर दूसरे शहर हो गया ।अब घर में छोटे देवर- देवरानी और उनकी छुटकी बेटी और वो और उसकी दुनिया बन गयी....!
अचानक उसे पता चलता कि छोटी के पांव फिर से भारी है।मन में एक बार फिर अपनी कमी का अहसास तो हुआ पर  उसने भगवान की इच्छा के आगे हथियार डाल दिये थे...!
भोजन करते करतेअचानक एक दिन उसने सुना ...  देवरजी देवरानी से कह रहे थे "सीमा हम अपना दूसरा बच्चा बड़े भाभी-भैया को दे देते हैं..!कैसा रहेगा ??विनीता ने सुना तो वो धक्क से रह गयी ।क्या ऐसा होगा??मैं सचमुच में किसी बच्चे की मां की बन सकती हूँ???अपनी खुशी के रौ में वो देवरानी के चेहरे के भाव नहीं देख पाई..!
दूसरे दिन से वो देवरानी की और ज्यादा देखभाल करने लगी। विनीता इतनी खुश थी मानो वो खुद ही मां बन रही हो। उसने छुप- छुप कर नए बच्चे के लिए कपड़े- मोजा टोपा सब बना लिए...!
समय आया छोटी देवरानी को बच्चा तो हुआ किन्तु बच्चा मां की गोद में ही रहा... देवरानी के उदासीन व्यवहार ने उसका दिल एकदम तोड़ दिया।बची खुची उम्मीद उसने उन दोनों की बात सुनकर छोड़ दी...जब देवर अपनी पत्नी को समझा रहे थे कि "क्या हुआ अगर हम भाभी को बच्चा दे दे तो...!
और देवरानी का कहना कि... भई बच्चा तो घर में ही रहेगा मेरे पास रहे या उनके ... मैं पूरा पूरा अपने बच्चे को किसी को नहीं दे सकती...
बस!
पटाक्षेप हो गया  उसके मां बनने के सपने का भी....!
कुछ दिनों बाद फिर खबर आई कि मंझली देवरानी भी मां बनने वाली है ..फोन पर खूब बधाई दी विनीता ने...! मन बहुत रोया  उसका पर ईश्वर की इच्छा के आगे भला क्या हो सकता है...?
एक रात खबर आई मंझली के बेटा हुआ है... दरअसल मंझली देवरानी को इस बार कुछ कॉम्प्लिकेशन होने के कारण डॉक्टर ने ट्रेवल करने मना कर दिया था...!तो वो उन लोगों ने वहीं शहर में ही डिलवरी करवाने का फैसला कर लिया था.....!रात फोन पर देवर ने कहा "भाभी आप सबको लेकर आ जाइए अगले हफ्ते फंक्शन रख रहे हैं बच्चे का...!"
मन ही मन रोते- रोते उसने यात्रा पूरी की। छोटा देवर,उसके दोनों बच्चे, पति, सास सब थे साथ में ...बस वो किसी के साथ नहीं थी ..!"मेरा जीवन तो निरर्थक हो गया भगवान तुमने मेरी कभी नहीं सुनी ...! हर गुजरते मंदिर के आगे वो ऐसा बुदबुदाती...!
शाम तक वो सबके साथ मंझले के घर पर पहुंच चुकी थी...!लम्बा चौड़ा आयोजन खूब लोग- बाग गहमा- गहमी !
 लेकिन उससे कोई ठीक से बात तक नहीं कर रहा था ...!कुछ औरतें कानाफूसी भी कर रही थी ...पति भी आकर काम में रम गए थे ।वो ही निठल्ली सी बैठी थी...!तभी एक स्त्री ने कहा "आप विनीता जी हैं?"जी हां""चलिये आप"... कह कर वो औरत विनीता को एक कमरे में ले गयी...वहां मंझली देवरानी बच्चे के साथ लेटी थी... उलाहना देते हुए बोली "दीदी कहां हो आप ?शाम को हमारा गोद भराई का फंक्शन है और आप ऐसे मुंह उतार कर बैठी हो ...चलो पहले आप तैयार हो जाइए अच्छे से फिर बच्चे को
सम्भालिए ...रुआंसी सी विनीता तैयार होने उठी तो साथ आई महिला ने कहा "आज चलिये मैं आपको तैयार कर देती हूं.....विनीता को बाद में पता चला कि वो ब्यूटिशियन थी...!
हल्का मेकअप ,आंखों में काजल, बालों में ढेर सारा गजरा, लाल बनारसी साड़ी  ....विनीता का सौंदर्य देखते ही बन रहा था किंतु आंखों में झुंझलाहट भी थी ...गोद में बच्चा देवरानी के  आया है और मुझे इन लोग क्यों इतना सजा रहे हैं ..??
फिर हॉल में जहां कार्यक्रम होना था सब इकठ्ठे हुए ....!
बच्चे को मंझली देवरानी एक बार भी उसको हाथ लगाने नहीं दी थी... !बस रोने- रोने को हुई जा रही थी विनीता.... तभी मंझले देवर ने सबको शांत करते हुए कहा... "आज का यह आयोजन मेरे बड़े भैया और भाभी के  प्रथम पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष्य में रखा गया है... आप सब श्रीमती विनीता एवं राजेश जी को और नवजात शिशु को अपना आशीर्वाद  देकर हमें अनुग्रहित करें...।
और मंझली ने आकर  विनीता को उलाहना देते हुए कहा...लो भी दीदी अब अपने बच्चे को गोद में कब से लिये लिए फिर रही हूं... थक गई हूँ भई मैं...!!!!
और विनीता के आंखों के आँसू झर- झर बहने लगे..राजेश की बांहों का सहारा और उन दोनों के बीच नन्हा- सा राजकुमार सब मानो गड्डमगड्ड हुए जा रहे थे...!!
क्या मैं सचमुच मां बन गयी???
तालियों का शोर सबके मुस्कुराते चेहरे मंझले देवर देवरानी की पुलकित मुस्कान यही तो कह रही थी...
कि वो मां बन गयी...🙏🙏🙏🌹🌹
*जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌺🌺

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कामेंट्स

Kailash Prasad Oct 5, 2021
क्रोध के समय थोडा रुक जायें और गलती के समय थोडा झुक जायें दुनिया की सब समस्याऐं हल हो जायेगी..... 💐🌾💐🌾 शुभ रात्रि 🙏🏼🌾💐🌾

ILA SINHA Oct 5, 2021
🌷🌺 Jai Shree Ram🌺🌷 🌷🌺 Jai Hanuman🌺🌷 🌷🌺 Good night🌺🌷

Saumya sharma Oct 5, 2021
जय श्री राम प्यारी बहना जी 🙏शुभ रात्रि विश्राम ☺अति सुंदर पोस्ट के लिए धन्यवाद 🙏☺कलयुग केवल नाम आधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा 🙏राम जी और बजरंगबली की कृपा आप पर बनी रहे 🙏🌹आप सपरिवार स्वस्थ और प्रसन्न रहें ☺🌹🙏

laltesh kumar sharma Oct 5, 2021
🌹🌿🌹 jai shree radhe krishan ji 🌹🌿🌹 Subh ratti vandan ji 🌹🌿🌹🙏🙏

निशा सिंह Oct 5, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जी शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना ठाकुर जी की कृपा सदा आप पर बनी रहे ।आप का हर पल खुशियों भरा रहे ।🙏🙏🌹🌹

🌹Radha Sharma 🌹 Oct 5, 2021
राधे राधे जय श्री कृष्ण🙏 शुभ रात्रि वंदन जी🙏 भगवान की कृपा आप एवं आपके परिवार पर हमेशा बनी रहे🙏 जय गणेश भगवान की🙏🌹

Taksha Patel Oct 5, 2021
🙏good night ji 🙏 🌹jai shree radhe krishna 🌹🌹thakur ji ka aashirwad sada aap ke pariwar par bana rahe 🌹

Gajendra Singh kaviya Oct 5, 2021
Radhe Radhe good morning have a nice day my sweet sis 🍡🌸🍡🌸🍡🌸🍡🌸🍡🌸

Mamta Chauhan Oct 5, 2021
Jai shri ganesh🌹🙏 Shubh prabhat vandan pyari bahan ji Ganesh ji ki kripa sda aap or aapke priwar pr bni rhe aapka har pal mangalmay ho khushion bhra ho aapki sabhi manokamna puri ho🌹 Radhe radhe 🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹

Anil Oct 6, 2021
जय राधाकृष्ण सुप्रभात वंदन जी 🙏🌹🙏🌹🙏

Neeta Trivedi Oct 6, 2021
जय श्री गणेश सुबह का प्यार भरा नमस्कार प्यारी नेहा बहना जी आप का हर एक पल शुभ और मंगलमय हो 🙏🌹🙏

संजीव शर्मा Oct 6, 2021
बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है....👍 🚩राधे राधे🙏🚩💐 🚩जय श्री राम🚩🙏💐

Rajesh Kumar Oct 6, 2021
jai shri Krishna Neha ji Gbu and your family always be happy 🌺🌺🌺🌺🌺

Kabir Chaudhar Dec 7, 2021

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Sudha Mishra Dec 7, 2021

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white beauty Dec 8, 2021

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R S Sharma Dec 8, 2021

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JAGDISH BIJARNIA Dec 8, 2021

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my mandir Dec 7, 2021

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