Rahul pharmacist
Rahul pharmacist Jan 15, 2022

आपकी ख़ुशी, आपकी सन्तुष्टता पर निर्भर करती है। अगर आप कम संसाधन में भी संतुष्ट है तो आप खुश है, वरना आप जीवन में तमाम दौलत हासिल कर ले, अगर आप संतुष्ट नहीं है तो आप ख़ुश कभी भी नहीं हो सकते। 🌹🌹 जय श्री कृष्णा 🍀🍀

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कामेंट्स

Beena Sharma Jan 15, 2022
jai shri radhey krishna jai shri radhey radhey🌹🌹🌹🌹 ji ki KRIPA sada aap par bani rahe🙏🙏 Radhey🌹🌹🌹🌹 radhey ji

Mamta Chauhan Jan 15, 2022
Radhe radhe 🌹🙏 ji aapka har pal mangalmay ho radha rani ki kripa sda aap or aapke priwar pr bni rhe g shubh ratri vandan 🌹🙏🌹🙏🌹🙏

Seema Sharma (Himachal) Jan 16, 2022
ऊँ सूर्याय नमः,🌹🌹🌹🙏 शुभ दोपहर जी 😊 आपका हर पल सुखदाई हो 🌷 हंसते मुस्कुराते रहिए और अपना ख्याल रखें 🙏😊🙏🌹🌷🌹

Mamta Chauhan Jan 16, 2022
Radhe radhe ji🌹🙏 Shubh ratri vandan ji aapka din shubh v mangalmay ho radha rani ki kripa sda aap or aapke priwar pr bni rhe mangal mangalmay suprabhat🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🙏🙏🙏

Radhe Krishna Jan 20, 2022

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Gajendrasingh kaviya Jan 20, 2022

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Annu 🥀🥀 Jan 20, 2022

*परमात्मा की खोज* एक बहुत ही मीठा बोलने वाला व्यक्ति था । हर किसी से बड़े प्रेम का व्यवहार करता था । कभी सपने में भी किसी का दिल नहीं दुखाता था । न ही कभी कोई मंदा करम करता था । एक बार नगर में कोई घटना घट गई । किसी ने उसका नाम ले दिया और पुलिस उसे पकड़ कर ले गयी । उसे अदालत में पेश किया गया जहां उसने आपने आपको निर्दोष साबित करने का भरसक प्रयास किया । अदालत ने बड़े ध्यान से उसकी बातों को सुना और आदेश दिया कि, "तुम अपनी बात साबित करने के लिए कोई गवाह ले आओ ।" उसके पुलिस द्वारा पकड़े जाने के कारण नगर मे उसकी खूब बदनामी हो गई और ज्यादातर लोग उस से बात करने से कतराने लगे । जब अदालत द्वारा दी गई तारीख आई तो उसने अपने कुछ दोस्तों को अदालत में उसके हित मे गवाही देने को कहा । उन सभी ने बहाने बना कर उसे इनकार कर दिया फिर उसने अपने परिवार वालो व रिश्तेदारों को कहा । उन्होंने कहा कि, "हम तुम्हारे साथ अदालत के दरवाजे तक तो जा सकते हैं ।" पर उन्होंने भी अंदर जाने और गवाही देने से इनकार कर दिया । वह बहुत ही दुखी मन से सड़क पर जा रहा था । रास्ते में उसे एक व्यक्ति मिला जिसके साथ उसके कोई घनिष्ठ सबंध नही थे केवल रास्ते मे जाते हुए ही राम राम होती थी । उस व्यक्ति ने जब इसको उदास देखा तो सोचा कि इसकी उदासी का कारण जानना चाहिए । उस व्यक्ति के पूछने पर उसने उसे सारी बात बताई । बात सुनकर उस व्यक्ति ने कहा कि वह उसके साथ अदालत में जायेगा और उसके हक मे बयान भी देगा। पहले व्यक्ति ने यह कहकर उसकी मदद लेने से इनकार कर दिया कि उनके कोई इतने घनिष्ठ सबंध नही हैं कि वह उसकी मदद ले सके। परंतु दूसरा व्यक्ति अपनी जिद पर अड़ा रहा और उसके साथ अदालत मे जा कर उस के हक में बयान दिया जिस से वह व्यक्ति बाइज्ज़त बरी हो गया । सन्तमत विचार-इस कहानी में सब से आखिर में मिलने वाले व्यक्ति से भाव प्रभु से है, जिसके स्थान पर हम केवल रास्ते में चलते हुए ही माथा टेकते हैं । न तो उसकी बात मानते हैं न ही उससे घनिष्ठता करते हैं । परन्तु वह हमेशा हमारी मदद करता है । हमे जमों की मार से बचाता है और चौरासी के गेड़ से निकालता है। हम उस परमात्मा को विसार कर दुनिया मे, बाल बच्चों में, रिश्तेदारों मे ही मस्त रहते है, जो हमारा साथ केवल शमशान तक ही दे सकते हैं। अब फैसला हमें लेना है कि हमने प्रभु से घनिष्ठता करनी है या दुनिया से.. शुभ रात्रि विश्राम जी 💐 आपका दिन शुभ मंगलमय हो 💐💐💐 जय खाटू नरेश की 🌹🌹 जय हो मां शेरावाली 🌹💕💕💕

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💞Soni 💞 Jan 20, 2022

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meena Jan 20, 2022

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Malti Bansal Jan 20, 2022

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