MADHUBEN  PATEL
MADHUBEN PATEL Jul 28, 2022

‼️🌳ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌳‼️ 🌹🌻🌹 ॐ साईंराम जी 🌹🌻🌹 प्रातःकाल नमस्कार

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कामेंट्स

🔸🇮🇳Hari priy pathak🇮🇳🔸 Jul 28, 2022
🌹🌄🌹🌄🌹🌄🌹🌄🌹🌄 ।।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।। 🌻🌺🌻**सुप्रभात जी**🌻🌺🌻 🌿🌿हरियाली अमावस्या की हार्दिक बधाई,हर हर महादेव बहनजी🌿🌿 🦋सुबह सबेरे का राम राम जी🦋 🌼‼️🙏‼️🌼

🌹🌷P Kumar🌷🌹 Jul 28, 2022
🙏🌷सुप्रभात🌷🙏 🙏🌷जय श्री राम🌷🙏 🙏🌷जय हनुमान🌷🙏 🙏🌷जय माता की🌷🙏 🙏🌷ॐ नमः शिवाय🌷🙏 🙏🌷हर हर महादेव🌷🙏 🙏🌷जय श्री महाकाल🌷🙏 🙏🌷ॐ नमो भगवते वासुदेवाय🌷🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Sneh Lata Mishra Jul 28, 2022
ओम नमो भगवते वासुदेवाय🙏🌹 शुभ गुरुवार वंदन जी🙏🌹 आप का हर पल सुखद एवं मंगलमय हो🙏🌹

🙏🙏🌹Sushil Kumar Sharma 🙏🌹 Jul 28, 2022
Good Afternoon My Sister ji 🙏🙏🌹 Om Namo Bhagwate Vasudevay Namah 🌹🌹🌹 Om Namo Lakshmi Narayan Namah 🌹🌹🌹 Jay Shree Radhe Radhe Radhe 💐🌹🌹 God Bless You And Your Family Always Be Happy My Sister ji 🙏🌹🌹💐🌹🌹Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐.

💫kamlesh goyal 💫 Jul 28, 2022
जय श्री हरि ओम नमो नारायण भगवते वासुदेवाय नमः शुभ संध्या वंदन मेरी बहन विष्णु भगवान की कृपा सदैव आपके परिवार पर बनी रहे🌹🌿🥀🥀🌿🥀🙏🙏🥀🌿🥀🌿🥀🌿🌹

Ashwin r chauhan Jul 28, 2022
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॐ नमौ नारायणे नमः शुभ गुरुवार भगवान विष्णु ओर माता लक्ष्मीजी की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे मेरी आदरणीय बहना जी आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे शिरडी वाले सांईनाथ बाबा आप की झोली खुशियों से भरदे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड इवनिंग बहना जी

N.p Jul 28, 2022
🙏good evening ji 🙏 🌹om namo bhagawete vasudevya namah 🌹 🌹shree hari vishnu ki krapa sada aap or app ke pariwar par bani rahe 🌹

Ansouya Mundram 🍁 Jul 28, 2022
ॐ नमो नारायणाय नमः 🌹 सस्नेह शुभ सन्द्या प्यारी बहना जी आप का दिन शुभ और मंगलमय हो 🙏 श्री हरि विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी की कृपा आप और आपके परिवार पर हमेशा बना रहे बहना जी 🙏 जय सीता राम 🌹🙏🌹

MADHUBEN PATEL Jul 28, 2022
@goyalkamlesh जय श्रीहरि लक्ष्मीनारायण जी शुभसँध्या नमस्कार भाइजी आपका हर पल मंगलमय हो

Ravi Kumar Taneja Jul 28, 2022
*ऊँ नमो:भगवते वासुदेवाय नमो: नमः*🕉 *🌹☆श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवाय☆🌹* प्रेम से भरी हुई *आंखें* 👁️श्रद्धा से झुका हुआ *सर,* सहयोग करते हुए *हाथ* सन्मार्ग पर चलते हुए *पांव* और सत्य से जुड़ी हुई *जीभ* ईश्वर को *सर्वाधिक पसंद है!!!* 🦚हमेशा खुश रहो, स्वस्थ रहो, न केवल अपने लिए बल्कि अपनो के लिए 🙏 🌹☆ Զเधॆ Զเधॆ ☆🌹 श्री नाथ जी सदा सहाय 🙏🌴🙏 जय श्री कृष्णा 🙏🌹🙏 *सदैव प्रसन्न रहिये!* *जो प्राप्त है,पर्याप्त है!!*🕉🌴🙏🌹🙏🌴🕉

Runa Sinha Jul 28, 2022
Jai Shri Hari Vishnu 🌹🙏🌹 Good night. Bhagwan Vishnu aur Mata Laxmi ki kripa aap sapariwar par bani rahe,bahna ji 🌿🙏🌿

Anup Kumar Sinha Jul 28, 2022
ऊॅं नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏🙏 शुभ रात्रि वंदन, बहना । माता लक्ष्मी एवं श्री हरि विष्णु आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करें 🙏💐

🌹VANITA KALE Jul 28, 2022
☜☆☞🍂जय श्री कृष्णा राधै राधै...!! भगवान श्री हरी विष्णु जी की कृपा आप और आपके परिवार सदा बनी रहे...!! हरी आपकी हर मनाेकामना पुरी करे 🙏...मेरी प्यारी बहनाजी 🌹आने वाला हरपल ढेर सारी खुशीया लेकर आऐ..!! 🙏🙏🙏...शुभ रात्रि...!! 🙏

Sanjay Singh Jul 28, 2022

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हरियाली अमावस्या पर सौभाय प्राप्ति का विशेष अवसर 〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️ श्रावण मास में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। गुरुवार एवं पुष्य नक्षत्र पर अमावस्या पड़ने का अर्थ है की यह दिन इनसे सम्बन्धित दोषो को दूर करने के लिए उत्तम है। हमारे शास्त्रो में सूर्य और चंद्रमा को ही दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टो का कारक माना जाता है,अतः यह पूरे वर्ष में एक या दो बार ही पड़ने वाले पर्व का बहुत अधिक महत्त्व माना जाता है। विवाहित स्त्रियों के द्वारा इस दिन पतियों की दीर्घ आयु के लिये व्रत का विधान है। हरियाली अमावस्या कलयुग के कल्याणकारी पर्वो में से एक है, लेकिन हरियाली अमावस्या को अन्य अमावस्याओं से अधिक पुण्य कारक मानने के पीछे भी पौराणिक एवं शास्त्रीय कारण है। श्रावण मास को भगवन शिव का महीना माना जाता है। अमावस्या अमा और वस्या दो शब्दों से मिलकर बना है। शिव पुराण में इस संधि विच्छेद को भगवान् शिव ने माँ पार्वती को समझाया था। क्योंकि सोम को अमृत भी कहा जाता है अमा का अर्थ है एकत्रित करना और वास को वस्या कहा गया है। यानि जिसमे सभी वास करते हो वह अति पवित्र अमावस्या कहलाती है यह भी कहा जाता है की हरियाली अमावस्या में भक्तो को अमृत की प्राप्ति होती है। निर्णय सिंधु व्यास के वचनानुसार इस दिन मौन रहकर स्नान-ध्यान करने से सहस्त्र गौ दान का पुण्य मिलता है। शास्त्रो के अनुसार पीपल की परिक्रमा करने से ,सेवा पूजा करने से, पीपल की छाया से,स्पर्श करने से समस्त पापो का नाश,अक्षय लक्ष्मी की प्राप्ति होती है व आयु में वृद्धि होती है। पीपल के पूजन में दूध, दही, मिठाई,फल, फूल,जनेऊ, का जोड़ा चढाने से और घी का दीप दिखाने से भक्तो की सभी मनोकामनाये पूरी होती है। कहते है की पीपल के मूल में भगवान् विष्णु तने में शिव जी तथा अगर भाग में ब्रह्मा जी का निवास है। इसलिए सोमवार को यदि अमावस्या हो तो पीपल के पूजन से अक्षय पूण्य लाभ तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन विवाहित स्त्रियों द्वारा पीपल के पेड़ की दूध, जल, पुष्प, अक्षत, चन्दन आदि से पूजा और पीपल के चारो और 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा करने का विधान होता है और हर परिक्रमा में कोई भी मिठाई या फल चढाने से विशेष लाभ होता है। ये सभी 108 फल या मिठाई परिक्रमा के बाद ब्राह्मण या निर्धन को दान करे। इस प्रक्रिया को कम से कम 3 सोमवती तक करने से सभी समस्याओ से मुक्ति मिलती है। इस प्रदक्षिणा से पितृ दोष का भी निश्चित समाधान होता है। इस दिन जो भी स्त्री तुलसी या माँ पार्वती पर सिंदूर चढ़ा कर अपनी मांग में लगाती है वह अखंड सौभाग्यवती बनी रहती है। जिन जातको की जन्म पत्रिका में कालसर्प दोष है। वे लोग यदि हरियाली अमावस्या पर चांदी के बने नाग-नागिन की विधिवत पूजा कर उन्हें नदी में प्रवाहित करे,शिव जी पर कच्चा दूध चढाये,पीपल पर मीठा जल चढ़ा कर उसकी परिक्रमा करें,धुप दीप दिखाए,ब्राह्मणों को यथा शक्ति दान दक्षिणा दे कर उनका आशीर्वाद ग्रहण करे तो निश्चित ही काल सर्प दोष की शांति होती है। इस दिन जो लोग व्यवसाय में परेशानी उठा रहे है,वे पीपल के नीचे तिल के तेल का दिया जलाकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मन्त्र का कम से कम 5 माला जप करे तो व्यवसाय में आ रही दिक्कते समाप्त होती है। इस दिन अपने पितरों के नाम से पीपल का वृक्ष लगाने से जातक को सुख, सौभग्य,पुत्र की प्राप्ति होती है, एव पारिवारिक कलेश दूर होते है। हरियाली अमावस्या तिथि 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ अमावस्या की तिथि 27 जुलाई को रात्रि 9 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 28 जुलाई को रात्रि 11 बजकर 24 पर होगा। 👉 इस दिन पवित्र नदियो में स्नान,ब्राह्मण भोज,गौ दान, अन्नदान,वस्त्र,स्वर्ण आदि दान का विशेष महत्त्व माना गया है,इस दिन गंगा स्नान का भी विशिष्ट महत्त्व है। माँ गंगा या किसी पवित्र सरोवर में स्नान कर शिव-पार्वती एवं तुलसी की विधिवत पूजा करें। 👉 भगवान् शिव पर बेलपत्र, बेल फल,मेवा,मिठाई,जनेऊ का जोड़ा आदि चढ़ा कर ॐ नमः शिवाय की 11 माला करने से असाध्य कष्टो में भी कमी आती है। 👉 प्रातः काल शिव मंदिर में सवा किलो साबुत चांवल दान करे। 👉 सूर्योदय के समय सूर्य को जल में लाल फूल,चन्दन डाल कर गायत्री मन्त्र जपते हुए अर्घ देने से दरिद्रता दूर होती है। 👉 हरियाली अमावस्या को तुलसी के पौधे की ॐ नमो नारायणाय जपते हुए 108 बार परिक्रमा करने से दरिद्रता दूर होती है। 👉 जीन लोग का सूर्य कमजोर है वो गाय को गुड़ में पकाए गेंहू और चांवल खिलाये अवश्य ही मानसिक शांति मिलेगी। 👉 मन्त्र जप,साधना एवं दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। 👉 इस दिन स्वास्थ्य, शिक्षा, कानूनी विवाद, आर्थिक परेशानियो और पति-पत्नी सम्बन्धि विवाद के समाधान के लिए किये गए उपाय अवश्य ही सफल होते है। 👉 इस दिन धोबी-धोबन को भोजन कराने,उनके बच्चों को किताबे मिठाई फल और दक्षिणा देने से सभी मनोरथ पूर्ण होते है। 👉 हरियाली अमावस्या को भांजा, ब्राह्मण, और ननद को मिठाई, फल,खाने की सामग्री देने से उत्तम फल मिलाता है। 👉 इस दिन अपने आसपास के वृक्ष पर बैठे कौओं और जलाशयों की मछलियों को (चावल और घी मिलाकर बनाए गए) लड्डू दीजिए। यह पितृ दोष दूर करने का उत्तम उपाय है। 👉 हरियाली अमावस्या के दिन दूध से बनी खीर दक्षिण दिशा में (पितृ की फोटो के सम्मुख) कंडे की धूनी लगाकर पितृ को अर्पित करने से भी पितृ दोष में कमी आती है। 👉 हरियाली अमावस्या के समय जब तक सूर्य चन्द्र एक राशि में रहे, तब कोई भी सांसरिक कार्य जैसे-हल चलाना, कसी चलाना, दांती, गंडासी, लुनाई, जोताई, आदि तथा इसी प्रकार से गृह कार्य भी नहीं करने चाहिए। हरियाली अमावस्या कथा 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ हरियाली अमावस्या से सम्बंधित अनेक कथाएँ प्रचलित हैं। परंपरा है कि हरियाली अमावस्या के दिन इन कथाओं को विधिपूर्वक सुना जाता है। एक गरीब ब्रह्मण परिवार था, जिसमे पति, पत्नी के अलावा एक पुत्री भी थी। पुत्री धीरे धीरे बड़ी होने लगी. उस लड़की में समय के साथ सभी स्त्रियोचित गुणों का विकास हो रहा था। लड़की सुन्दर, संस्कारवान एवं गुणवान भी थी, लेकिन गरीब होने के कारण उसका विवाह नहीं हो पा रहा था। एक दिन ब्रह्मण के घर एक साधू पधारे, जो कि कन्या के सेवाभाव से काफी प्रसन्न हुए। कन्या को लम्बी आयु का आशीर्वाद देते हुए साधू ने कहा की कन्या के हथेली में विवाह योग्य रेखा नहीं है। ब्राह्मण दम्पति ने साधू से उपाय पूछा कि कन्या ऐसा क्या करे की उसके हाथ में विवाह योग बन जाए। साधू ने कुछ देर विचार करने के बाद अपनी अंतर्दृष्टि से ध्यान करके बताया कि कुछ दूरी पर एक गाँव में सोना नाम की धूबी जाती की एक महिला अपने बेटे और बहू के साथ रहती है, जो की बहुत ही आचार- विचार और संस्कार संपन्न तथा पति परायण है। यदि यह कन्या उसकी सेवा करे और वह महिला इसकी शादी में अपने मांग का सिन्दूर लगा दे, उसके बाद इस कन्या का विवाह हो तो इस कन्या का वैधव्य योग मिट सकता है। साधू ने यह भी बताया कि वह महिला कहीं आती जाती नहीं है। यह बात सुनकर ब्रह्मणि ने अपनी बेटी से धोबिन कि सेवा करने कि बात कही। कन्या तडके ही उठ कर सोना धोबिन के घर जाकर, सफाई और अन्य सारे करके अपने घर वापस आ जाती। सोना धोबिन अपनी बहू से पूछती है कि तुम तो तडके ही उठकर सारे काम कर लेती हो और पता भी नहीं चलता। बहू ने कहा कि माँजी मैंने तो सोचा कि आप ही सुबह उठकर सारे काम ख़ुद ही ख़तम कर लेती हैं। मैं तो देर से उठती हूँ। इस पर दोनों सास बहू निगरानी करने करने लगी कि कौन है जो तडके ही घर का सारा काम करके चला जाता हा। कई दिनों के बाद धोबिन ने देखा कि एक एक कन्या मुँह अंधेरे घर में आती है और सारे काम करने के बाद चली जाती है। जब वह जाने लगी तो सोना धोबिन उसके पैरों पर गिर पड़ी, पूछने लगी कि आप कौन है और इस तरह छुपकर मेरे घर की चाकरी क्यों करती हैं। तब कन्या ने साधू द्बारा कही गई सारी बात बताई। सोना धोबिन पति परायण थी, उसमें तेज था। वह तैयार हो गई। सोना धोबिन के पति थोड़ा अस्वस्थ थे। उसमे अपनी बहू से अपने लौट आने तक घर पर ही रहने को कहा। सोना धोबिन ने जैसे ही अपने मांग का सिन्दूर कन्या की मांग में लगाया, उसके पति गया। उसे इस बात का पता चल गया। वह घर से निराजल ही चली थी, यह सोचकर की रास्ते में कहीं पीपल का पेड़ मिलेगा तो उसे भँवरी देकर और उसकी परिक्रमा करके ही जल ग्रहण करेगी.उस दिन हरियाली अमावस्या थी। ब्रह्मण के घर मिले पूए- पकवान की जगह उसने ईंट के टुकडों से 108 बार भँवरी देकर 108 बार पीपल के पेड़ की परिक्रमा की और उसके बाद जल ग्रहण किया। ऐसा करते ही उसके पति के मुर्दा शरीर में कम्पन होने लगा। इस हरियाली अमावस्या पर राशि के अनुसार कौन सा पौधे लगाने से आपके संकट और पितृ दोष दूर होगा... 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ 1-मेष राशि 👉 मेष राशि के जातकों के लिए इस अमावस्या पर आंवले का पौधा लगाना सबसे उत्तम है। 2- वृष राशि 👉 वृष राशि के जातक जामुन का पौधा लगाएं तो उनके सारे कष्ट समाप्त हो जाएंगे। 3- मिथुन राशि 👉 मिथुन राशि वालों को इस अमावस्या पर चंपा के फूलों का पौधा लगान चाहिए। 4- कर्क राशि 👉 कर्क राशि के जातक ज्योतिष के अनुसार पीपल का पौधा लगांए। 5- सिंह राशि 👉 सिंह राशि के जातकों को पितृ दोष से मुक्ति के लिए बरगद का पेड़ लगाना चाहिए। 6- कन्या राशि 👉 कन्या राशि के जातके इस अमावस्या पर बेल का पेड़ लगाएं, भगवान शिव उन पर अवश्य कृपा करेंगे। 7- तुला राशि 👉 तुला राशि वालों को अर्जुन का पेड़ लगाना चाहिए। 8- वृश्चिक राशि 👉 वृश्चिक राशि के जातक इस अमावस्या पर नीम का पौधा लगाना चाहिए। 9- धनु राशि 👉 धुन राशि के जातक कनेर का पेड़ लगांए। 10- मकर राशि 👉 मकर राशि के जातकों को शमी का वृक्ष लगाना चाहिए। 11- कुंभ राशि 👉 कुभं राशि के जातक इस अमावस्या पर आम का पौधा लगाएं। 12- मीन राशि 👉 मीन राशि के जातकों बेर का पौधा लगान चाहिए । विशेष कामना सिद्धि हेतु उपाय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ लक्ष्मी प्राप्त के लिए👉 तुलसी, आंवला, बिल्वपत्र का वृक्ष लगाएं. आरोग्य प्राप्त के लिए👉 ब्राह्मी, पलाश, अर्जुन, आंवला, सूरजमुखी या तुलसी लगाएं. सौभाग्य प्राप्त हेतु👉 अशोक, अर्जुन, नारियल, वट का वृक्ष लगाएं. संतान प्राप्‍ति के लिए👉 पीपल, नीम, बिल्व, नागकेशर, गुड़हल, अश्वगंधा लगाएं. मेधा वृद्धि प्राप्त हेतु👉 आंकडा, शंखपुष्पी, पलाश, ब्राह्मी, तुलसी लगाएं. सुख प्राप्ति के लिए👉 नीम, कदम्ब, घनी छायादार वृक्ष लगाएं. आनन्द प्राप्त के लिए👉 पारिजात, रातरानी, मोगरा, गुलाब लगाएं। 〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️

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