Neha Sharma
Neha Sharma Oct 12, 2021

🙏🚩*जय श्री राम जय श्री हनुमान*🚩🙏 🙇🌺*शुभ रात्रि नमन*🌺🙇

🙏🚩*जय श्री राम जय श्री हनुमान*🚩🙏
        🙇🌺*शुभ रात्रि नमन*🌺🙇

+169 प्रतिक्रिया 60 कॉमेंट्स • 156 शेयर

कामेंट्स

💞💞jeeawansingh sisodiya💞💞 Oct 12, 2021
jai mata di radhe radhe jai shiri Krishna ji good night 🌹🌹👌👌🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🌹🌹🌹🌹

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Oct 12, 2021
Good Night My Sister ji 🙏🙏 Jay Mata di 🙏🙏🌹🌹 Jay Shree Ram 🙏🙏🌹🌹 Jay Veer Hanuman 🙏🙏🌹🌹🌹 God Bless you and your Family Always Be Happy My Sister ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷.

Kailash Pandey Oct 12, 2021
जय श्री राम शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना श्री राम भक्त हनुमान जी की कृपा दृष्टि आप पर सदैव बनी रहे

Seemma Valluvar Oct 13, 2021
सुप्रभात दीदीजी 🙏, मां नवदुर्गा की कृपा सदा आप और आपके परिवार पर बनी रहे, जय माता दी 🙏🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🚩

Brajesh Sharma Oct 13, 2021
श्री राम जय राम जय जय राम

🌷GEETA DEVI 🌷 Oct 13, 2021
JAI MATA RANI DI... 🙏🌺🌺 SUPRABHATAM... 🍀🍀🎉 🤗🤗✴️🍹🍹✴️🤗🤗 🔔🔔🎉PAWAN NAVRATRI KI HARDIK SUBHKAMNAYEIN MERI PYARI BEHANA JI🎉🔔🔔 🍀🌺✴️🐾🙏🐾✴️🌺🍀

संजीव शर्मा Oct 13, 2021
एक सुखद जीवन के लिए मस्तिष्क में सत्यता, होठों पर मधुरता और हृदय में पवित्रता आवश्यक है।* *आपका हर लम्हा मंगलदायक हो!!* *ओम नमः शिवाय*

Som Dutt Sharma Oct 13, 2021
Sri Radhey 🙏 Radhey g very very sweet good night and sweet dreams take care g thanks 👍⛲👌

rakesh dubey Oct 14, 2021
Jai mata di🚩🚩 Jai shri radhe krishna ji🌷 GOOD morning ji🍀🌻🍀

Som Dutt Sharma Oct 14, 2021
Om namo narayana bhagvate Vashu devay namaha 🙏 g very very sweet good morning 🌄 ji have a great day and take care g thanks 👍⛲👌

Ravi Kumar Taneja Oct 14, 2021
🕉👣🔱जय माता दी 🔱👣🕉 🕉👣🔱जय माँ सिद्धिदात्री🔱👣🕉 🔱👣मां सिद्धिदात्री आपको और आपके परिवार को हर प्रकार से सुख-समृद्धि प्रदान करें यही मां से प्रार्थना 👣🔱 🕉 आप पर सपरिवार , माँ दुर्गा के आशीर्वाद से सुख,समृद्धि,शांति,संपत्ति, धन, धान्य, मान, सन्मान, यश, कीर्ति, एव ऐश्वर्य की वर्षा होवे जी 🙏🌹🙏 🕉 🙏🌹🙏 या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः🙏🌹🙏 🕉🔱👣🙏🌹🙏👣🔱🕉

Som Dutt Sharma Oct 14, 2021
Sri Radhey 🙏 Radhey g very very sweet good night and sweet dreams take care g thanks 👍⛲👌

k s Oct 15, 2021
*─⊱━🙏 शुभ रात्रि🙏* *कुदरत का नियम है...* *मित्र और चित्र* *दिल से बनाओगे तो* *उनके "रंग" जरूर* *निखरकर आयेंगे!* *परिवार हो या संगठन सब में सफलता का राज़ है "एक दूसरे के विचारो को सुनना और रिगार्ड (सन्मान) देना"*। *🙏जय श्री कृष्ण*🙏 *_─⊱━🙏 राधे राधे दीदी जी कैसी हैं आप🙏*😊☕🫖☕🍫🍱💐💐⛳⛳⛳

Sudha Mishra Dec 7, 2021

+75 प्रतिक्रिया 31 कॉमेंट्स • 153 शेयर

आचमन तीन बार ही क्यों? 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ पूजा, यज्ञ आदि आरंभ करने से पूर्व शुद्धि के लिए मंत्र पढ़ते हुए जल पीना ही आचमन कहलाता है। इससे मन और हृदय की शुद्धि होती है। धर्मग्रंथों में तीन बार आचमन करने के संबंध में कहा गया है। प्रथमं यत् पिवति तेन ऋग्वेद प्रीणाति । यद् द्वितीयं तेन यजुर्वेदं प्रीणाति यद् तृतीयं तेन सामवेदं प्रीणाति ॥ अर्थात् तीन बार आचमन करने से तीनों वेद यानी-ऋग्वेद, यजुर्वेद व सामवेद प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। मनु महाराज के मतानुसार त्रिराचामेदपः पूर्वम् । -मनुस्मृति 2/60 अर्थात् सबसे पहले तीन बार आचमन करना चाहिए। इससे कंठशोषण दूर होकर, कफ़ निवृत्ति के कारण श्वसन क्रिया में व मंत्रोच्चारण में शुद्धता आती है। इसीलिए प्रत्येक धार्मिक कृत्य के शुरू में और संध्योपासन के मध्य बीच-बीच में अनेक बार तीन की संख्या में आचमन का विधान बनाया गया है। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि इससे कायिक, मानसिक और वाचिक तीनों प्रकार के पापों की निवृत्ति होकर न दिखने वाले फल की प्राप्ति होती है। अंगूठे के मूल में ब्रह्मतीर्थ, कनिष्ठा के मूल प्रजापत्यतीर्थ, अंगुलियों के अग्रभाग में देवतीर्थ, तर्जनी और अंगूठे के बीच पितृतीर्थ और हाथ के मध्य भाग में सौम्यतीर्थ होता है, जो देवकर्म में प्रशस्त माना गया है। आचमन हमेशा ब्रह्मतीर्थ से करना चाहिए। आचमन करने से पहले अंगुलियां मिलाकर एकाग्रचित्त यानी एकसाथ करके पवित्र जल से बिना शब्द किए 3 बार आचमन करने से महान फल मिलता है। आचमन हमेशा 3 बार करना चाहिए। आचमन के मंत्र 〰️〰️〰️〰️〰️ जल लेकर तीन बार निम्न मंत्र का उच्चारण करते हैं:- हुए जल ग्रहण करें- ॐ केशवाय नम: ॐ नाराणाय नम: ॐ माधवाय नम: ॐ ह्रषीकेशाय नम:, बोलकर ब्रह्मतीर्थ (अंगुष्ठ का मूल भाग) से दो बार होंठ पोंछते हुए हस्त प्रक्षालन करें (हाथ धो लें)। उपरोक्त विधि ना कर सकने की स्थिति में केवल दाहिने कान के स्पर्श मात्र से ही आचमन की विधि की पूर्ण मानी जाती है। आचमन करने के बारे में मनुस्मृति में भी कहा गया है कि ब्रह्मतीर्थ यानी अंगूठे के मूल के नीचे से इसे करें अथवा प्राजापत्य तीर्थ यानी कनिष्ठ उंगली के नीचे से या देवतीर्थ यानी उंगली के अग्रभाग से करें, लेकिन पितृतीर्थ यानी अंगूठा व तर्जनी के मध्य से आचमन न करें, क्योंकि इससे पितरों को तर्पण किया जाता है, इसलिए यह वर्जित है। आचमन करने की एक अन्य विधि बोधायन में भी बताई गई है, जिसके अनुसार हाथ को गाय के कान की तरह आकृति प्रदान कर तीन बार जल पीने को कहा गया है। आचमन के बारे में स्मृति ग्रंथ में लिखा है की :- प्रथमं यत् पिबति तेन ऋग्वेद प्रीणाति। यद् द्वितीयं तेन यजुर्वेद प्रीणाति। यत् तृतीयं तेन सामवेद प्रीणाति। पहले आचमन से ऋग्वेद और द्वितीय से यजुर्वेद और तृतीय से सामवेद की तृप्ति होती है। आचमन करके जलयुक्त दाहिने अंगूठे से मुंह का स्पर्श करने से अथर्ववेद की तृप्ति होती है। आचमन करने के बाद मस्तक को अभिषेक करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं। दोनों आंखों के स्पर्श से सूर्य, नासिका के स्पर्श से वायु और कानों के स्पर्श से सभी ग्रंथियां तृप्त होती हैं। माना जाता है कि ऐसे आचमन करने से पूजा का दोगुना फल मिलता है। 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

+69 प्रतिक्रिया 22 कॉमेंट्स • 144 शेयर
Runa Sinha Dec 7, 2021

+145 प्रतिक्रिया 48 कॉमेंट्स • 95 शेयर
Babbu Bhai Dec 7, 2021

+45 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 60 शेयर
Rama Devi Sahu Dec 7, 2021

+22 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 84 शेयर
gajrajg Dec 7, 2021

+8 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 39 शेयर

+7 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 3 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB