🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹राम सिया राम सिया राम सिया राम जय हनुमान जी 🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️

Audio - 🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹राम सिया राम सिया राम सिया राम जय हनुमान जी 🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️🌹🕉️

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कामेंट्स

Vineeta Tripathi Sep 7, 2021
Jai sri ram 🙏🙏 Jai Hanuman ji ki 🌹🌹 Have a great day ☘️☘️gad bless you and your family ☘️☘️l

Anup Shukla Sep 7, 2021
🙏🌸🙏🌸 Jay shree ram jai jai ram 🌺🙏🙏🌸🌸

MADAN LAL Sep 7, 2021
🙏🚩 जय श्री राम 🙏🚩

Ravi Kumar Taneja Sep 9, 2021
🕉 *ऊँ नमो:भगवते वासुदेवाय नमो:नमः*🕉 *꧁🌹श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवाय🌹꧂* *꧁🌹 Զเधॆ Զเधॆ 🌹꧂* * *प्रभु जगन्नाथ जी की कृपा से आप सदा स्वस्थ रहें, मस्त रहे तथा मुस्कुराते रहें*🙏 🌈शुभ स्नेह प्रभात वंदन जी🙏🌼🙏 श्री नाथ जी सदा सहाय 🙏🌼🙏 जय श्री कृष्णा 🙏🌹🙏 *सदैव प्रसन्न रहिये!* *जो प्राप्त है,पर्याप्त है!!!* 🕉🦚🦢🙏🌹🙏🦢🦚🕉

Rakesh Kumar Patel Sep 12, 2021
जय श्री राम सुप्रभात वंदन बहन जी

,,, Sep 18, 2021
ॐ शं शं शनिश्चराय नमः 🙏🚩 ॐ हनुमते नमः 🙏🪴 जय श्री राम बहना जी सादर नमन 🙏🙏 आपका दिन शुभ हो शनिदेव जी की शीतल छाया आपके परिवार पर बनी रहे राम जी अपको सदैव स्वस्थ और प्रसन्न रखें मस्त रखें आपका हर पल मंगलमय हो 🪴🪴 राम राम बहना जी 🪴🙏🪴🏹🏹

,,, Sep 19, 2021
‼️ ॐ श्री गणेशाय नमः ‼️ शुभ दोपहर सादर वंदन, नमस्कार बहना 🙏जी जय श्री राधे राधे कृष्णा 🪴 गणेश विसर्जन, अनंत चतुर्थी की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं🪴 विघ्न विनाशक आपकी हर मनोकामना पूरी करे बप्पा जी की कृपा आपके परिवार पर बनी रहे आप हमेशा स्वस्थ एवम् प्रसन्न रहें बहना जी🙏🌷🌷🌷🌷

RAKESH SHARMA Sep 19, 2021
@rsehh222 JAI SHREE RAM JAI HANUMAN MAY BE BLESS U And UR FAMILY WITH ALL HAPPINESS And MAKES DREAM TRUE ALWAYS BE HAPPY And HEALTHY LONG LIFE 🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

Kishan Sep 20, 2021
Good morning anu g kese ho g

my mandir Oct 19, 2021

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ILA SINHA❤️ Oct 19, 2021

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Renu Singh Oct 19, 2021

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Poonam Aggarwal Oct 19, 2021

🚩🚩*जय श्री राम जय हनुमान*🚩🚩🙏 🚩🏹🚩🏹🚩🏹🚩🏹🚩🏹🚩 *सुंदरकांड का एक प्रसंग अवश्य पढ़ें !* *“मैं न होता, तो क्या होता?”* “अशोक वाटिका" में *जिस समय रावण क्रोध में भरकर, तलवार लेकर, सीता माँ को मारने के लिए दौडा* , तब हनुमान जी को लगा, कि इसकी तलवार छीन कर, इसका सर काट लेना चाहिये! किन्तु, अगले ही क्षण, उन्होंने देखा *"मंदोदरी" ने रावण का हाथ पकड़ लिया है !* यह देखकर वे गदगद हो गये! वे सोचने लगे, यदि मैं आगे बड़ता तो मुझे भ्रम हो जाता कि *यदि मै न होता, तो सीता जी को कौन बचाता?* बहुधा हमको ऐसा ही भ्रम हो जाता है, मैं न होता, तो क्या होता ? परन्तु ये क्या हुआ? सीता जी को बचाने का कार्य प्रभु ने रावण की पत्नी को ही सौंप दिया! तब हनुमान जी समझ गये, *कि प्रभु जिससे जो कार्य लेना चाहते हैं, वह उसी से लेते हैं!* आगे चलकर जब "त्रिजटा" ने कहा कि "लंका में बंदर आया हुआ है, और वह लंका जलायेगा!" तो हनुमान जी बड़ी चिंता मे पड़ गये, कि प्रभु ने तो लंका जलाने के लिए कहा ही नहीं है , *और यहां यह त्रिजटा कह रही है कि उन्होंने स्वप्न में देखा है, एक वानर ने लंका जलाई है! अब उन्हें क्या करना चाहिए? *जो प्रभु इच्छा!* जब रावण के सैनिक तलवार लेकर हनुमान जी को मारने के लिये दौड़े, तो हनुमान जी ने अपने को बचाने के लिए तनिक भी चेष्टा नहीं की, और जब "विभीषण" ने आकर कहा कि दूत अबद्ध होता है उसको मारना अनीति है, तो *हनुमान जी समझ गये कि मुझे बचाने के लिये प्रभु ने यह उपाय कर दिया है!* आश्चर्य की पराकाष्ठा तो तब हुई, जब रावण ने कहा कि बंदर को मारा नहीं जायेगा, इसकी पूंछ मे कपड़ा लपेट कर, घी डालकर, आग लगाई जायेगी, तो हनुमान जी सोचने लगे कि लंका वाली त्रिजटा की बात सच थी, वरना लंका को जलाने के लिए मै कहां से घी, तेल, कपड़ा लाता, और कहां आग ढूंढता? पर वह प्रबन्ध भी आपने रावण से करा दिया! जब आप रावण से भी अपना काम करा लेते हैं, तो *मुझसे करा लेने में आश्चर्य की क्या बात है !* इसलिये *सदैव याद रखें,* कि *संसार में जो हो रहा है, वह सब ईश्वरीय विधान* है! हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं! इसीलिये *कभी भी ये भ्रम न पालें* कि... *मै न होता, तो क्या होता ?* *ना मैं श्रेष्ठ हूँ,* *ना ही मैं ख़ास_हूँ,* *मैं तो बस छोटा सा,* *निमित्त (कारण) हूँ॥* 🙏🏻 🙏 🌹🌹🙏 🙏🏻

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 19 अक्टूबर 2021* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शरद* ⛅ *मास -अश्विन* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - चतुर्दशी शाम 07:03 तक तत्पश्चात पूर्णिमा* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद दोपहर 12:13 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - व्याघात रात्रि 08:39 तक तत्पश्चात हर्षण* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:17 से शाम 04:44 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:36* ⛅ *सूर्यास्त - 18:10* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - कोजागिरी पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा (खीर चंद्र किरणों में रखें),* 💥 *विशेष - चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *शरद पूनम की रात दिलाये आत्मशांति, स्वास्थ्यलाभ* 🌷 ➡ *19 अक्टूबर 2021 मंगलवार को शरद पूर्णिमा (खीर चन्द्रकिरणों में रखें) 20 अक्टूबर, बुधवार को शरद पूर्णिमा (व्रत हेतु)* 🌙 *आश्विन पूर्णिमा को ‘शरद पूर्णिमा’ बोलते हैं । इस दिन रास-उत्सव और कोजागर व्रत किया जाता है । गोपियों को शरद पूर्णिमा की रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण ने बंसी बजाकर अपने पास बुलाया और ईश्वरीय अमृत का पान कराया था । अतः शरद पूर्णिमा की रात्रि का विशेष महत्त्व है । इस रात को चन्द्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ पृथ्वी पर शीतलता, पोषक शक्ति एवं शांतिरूपी अमृतवर्षा करता है ।* 👉🏻 *शरद पूनम की रात को क्या करें, क्या न करें ?* 🌙 *दशहरे से शरद पूनम तक चन्द्रमा की चाँदनी में विशेष हितकारी रस, हितकारी किरणें होती हैं । इन दिनों चन्द्रमा की चाँदनी का लाभ उठाना, जिससे वर्षभर आप स्वस्थ और प्रसन्न रहें । नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए दशहरे से शरद पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि में 15 से 20 मिनट तक चन्द्रमा के ऊपर त्राटक करें ।* 🌙 *अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं । जो भी इन्द्रियाँ शिथिल हो गयी हों, उनको पुष्ट करने के लिए चन्द्रमा की चाँदनी में खीर रखना और भगवान को भोग लगाकर अश्विनी कुमारों से प्रार्थना करना कि ‘हमारी इन्द्रियों का बल-ओज बढ़ायें ।’ फिर वह खीर खा लेना ।* 🌙 *इस रात सुई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है ।* 🌙 *शरद पूनम दमे की बीमारी वालों के लिए वरदान का दिन है । अपने आश्रमों में निःशुल्क औषधि मिलती है, वह चन्द्रमा की चाँदनी में रखी हुई खीर में मिलाकर खा लेना और रात को सोना नहीं । दमे का दम निकल जायेगा ।* 🌙 *चन्द्रमा की चाँदनी गर्भवती महिला की नाभि पर पड़े तो गर्भ पुष्ट होता है । शरद पूनम की चाँदनी का अपना महत्त्व है लेकिन बारहों महीने चन्द्रमा की चाँदनी गर्भ को और औषधियों को पुष्ट करती है ।* 🌙 *अमावस्या और पूर्णिमा को चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है । जब चन्द्रमा इतने बड़े दिगम्बर समुद्र में उथल-पुथल कर विशेष कम्पायमान कर देता है तो हमारे शरीर में जो जलीय अंश है, सप्तधातुएँ हैं, सप्त रंग हैं, उन पर भी चन्द्रमा का प्रभाव पड़ता है । इन दिनों में अगर काम-विकार भोगा तो विकलांग संतान अथवा जानलेवा बीमारी हो जाती है और यदि उपवास, व्रत तथा सत्संग किया तो तन तंदुरुस्त, मन प्रसन्न और बुद्धि में बुद्धिदाता का प्रकाश आता है ।* 🌙 *खीर को बनायें अमृतमय प्रसाद खीर को रसराज कहते हैं । सीताजी को अशोक वाटिका में रखा गया था । रावण के घर का क्या खायेंगी सीताजी ! तो इन्द्रदेव उन्हें खीर भेजते थे ।* 🌙 *खीर बनाते समय घर में चाँदी का गिलास आदि जो बर्तन हो, आजकल जो मेटल (धातु) का बनाकर चाँदी के नाम से देते हैं वह नहीं, असली चाँदी के बर्तन अथवा असली सोना धो-धा के खीर में डाल दो तो उसमें रजतक्षार या सुवर्णक्षार आयेंगे । लोहे की कड़ाही अथवा पतीली में खीर बनाओ तो लौह तत्त्व भी उसमें आ जायेगा । इलायची, खजूर या छुहारा डाल सकते हो लेकिन बादाम, काजू, पिस्ता, चारोली ये रात को पचने में भारी पड़ेंगे । रात्रि 8 बजे महीन कपड़े से ढँककर चन्द्रमा की चाँदनी में रखी हुई खीर 11 बजे के आसपास भगवान को भोग लगा के प्रसादरूप में खा लेनी चाहिए । लेकिन देर रात को खाते हैं इसलिए थोड़ी कम खाना और खाने से पहले एकाध चम्मच मेरे हवाले भी कर देना । मुँह अपना खोलना और भाव करना : ‘लो महाराज ! आप भी लगाओ भोग ।’ और थोड़ी बच जाय तो फ्रिज में रख देना । सुबह गर्म करके खा सकते हो ।* ➡ *(खीर दूध, चावल, मिश्री, चाँदी, चन्द्रमा की चाँदनी - इन पंचश्वेतों से युक्त होती है, अतः सुबह बासी नहीं मानी जाती ।)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

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Meena Sharma Oct 19, 2021

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