वाहेगुरु

Amar Jeet kuar Jun 11, 2018

+406 प्रतिक्रिया 33 कॉमेंट्स • 555 शेयर
M. K. MALHOTRA May 27, 2021

+108 प्रतिक्रिया 19 कॉमेंट्स • 130 शेयर
Manoj manu May 27, 2021

🚩🏵जय श्री सत्नाम वाहेगुरु जी 🏵🌿🙏 🏵🌿नानक दुखिया सब संसारा 🌿🌺🌿 🌿🏵सोई सुखिया जेहि नाम अधारा। 🌺🌿 गुरु नानक देव जी सिर्फ़ दो पंक्तियों मे मानवता के दुख का कारण और उसके निवारण का अत्यंत सरल शब्दों मे वर्णन करते हैं. वे कहते है :- 🌹"नानक दुखिया सब संसारा , 🌿सोई सुखिया जेहि नाम अधारा " गुरु नानक देव जी यहाँ बता रहे हैं कि इस संसार मे सभी दुखी हैं क्योंकि संसार दुख है. क्यों कह रहे हैं नानक देव जी संसार को दुख? क्योंकि संसार है अनित्य और अनित्य से व्यक्ति कभी सुख नहीं पा सकता क्योंकि सुख होता है शाश्वत में। संसार मे सभी कुछ जैसे – व्यक्ति, वस्तुएँ या विचार नाशवान हैं वे आज हैं, कल नही हो जाएँगी. उनसे प्राप्त सुख भी क्षणभंगूर ही होगा. इसलिए नानक देव जी कह रहे हैं – नानक दुखिया सब संसारा! हम संसार मे उपलब्ध और इंद्रियों द्वारा अनुभव मे आने वाले सुख को ही असली मान बैठे हैं. मगर हमे पता नही की इंद्रियाँ सिर्फ़ अनित्य और नाशवान को ही अनुभव कर सकती हैं और वे शाश्वत और नित्य को कभी नही जान सकती. हमारी इंद्रियाँ सिर्फ़ बाहरी वस्तुओं को ही जान सकती हैं इनकी भीतर की दुनियाँ में कोई पहुँच नही. ऐसा जान लेना कि इंद्रियों के मध्यम से प्राप्त सुख असली सुख नहीं, ज्ञान की तरफ पहला कदम है. आधी यात्रा तो तय हुई अब मंज़िल ज़्यादा दूर नही. क्योंकि एक बार ग़लत से छूटे तो सही की पहचान कोई दूर नही, अब सही को भी जान ही लोगे. उसी कई तरफ बाबा नानक जी अब इशारा कर रहे हैं – सोई सुखिया जेहि नाम अधारा! वही सुखी है जिसने अब नाम को अपने जीवन का आधार बना लिया. यह नाम ही वो शाश्वत पूंजी है जिसे पाकर हमें वास्तविक सुख यानी आनंद की प्राप्ति होती है. जय श्री नानक देव जी 🌺🌺🌺🌺🙏 🌿🌿🌺🌺 श्री गुरु महाराज जी सभी का सदा मंगल करें सदा कल्याण करें जी 🌺🌺🌿🌿🌺🌺🙏

+251 प्रतिक्रिया 55 कॉमेंट्स • 70 शेयर
lndu Malhotra Sep 22, 2018

Nanak Nam Chardin Kala Tere Bhane Sarbat Da Bhala

+21 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 180 शेयर
Ganesh Sharma Jun 9, 2021

+164 प्रतिक्रिया 47 कॉमेंट्स • 75 शेयर
M. K. MALHOTRA Jun 6, 2021

+95 प्रतिक्रिया 13 कॉमेंट्स • 76 शेयर